
मुंबई। महाराष्ट्र और देशभर के युवाओं को खेल, नवाचार, तकनीक, उद्यमिता और संस्कृति के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुणे में तीन दिवसीय ‘विकसित भारत यूथ कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताया कि यह आयोजन देशभर के युवाओं को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज वर्षा निवास पर खेल एवं युवा सेवा संचालनालय की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ.पी.गुप्ता, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रणजीतसिंह देओल, खेल एवं युवा सेवा आयुक्त दीपक सिंगला तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय महोत्सव में लगभग एक हजार प्रतिनिधि होंगे शामिल
पुणे के बालेवाड़ी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय युवा सम्मेलन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से युवा भाग लेंगे। प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश से 30 से 35 प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। कुल लगभग 1,000 प्रतिनिधियों में महाराष्ट्र के 300 तथा अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 700 प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में राज्यभर से एक लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत यूथ कॉन्क्लेव-2026’ का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना, देश की सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
तीन थीम पर आधारित होगा आयोजन
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सम्मेलन को ‘वॉरियर’, ‘फ्यूचर’ और ‘कल्चरल’—इन तीन अनुभव क्षेत्रों में विभाजित किया जाए। वॉरियर ज़ोन में युवाओं में अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर रहेगा। यहां आत्मरक्षा कार्यशालाएं, खेल विज्ञान, पोषण, खेल मनोविज्ञान, आर्मी ऑब्स्टेकल कोर्स, वॉल क्लाइम्बिंग, रिएक्शन टाइम एरीना और फिटनेस गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। फ्यूचर ज़ोन में तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से जुड़े कार्यक्रम होंगे। चूंकि पुणे देश का प्रमुख तकनीकी और नवाचार केंद्र है, इसलिए युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कल्चरल ज़ोन में महाराष्ट्र की लोककला, लोकसंगीत, लोकनृत्य, चित्रकला, फोटोग्राफी, योग, ध्यान, मानसिक स्वास्थ्य, वारली और पैठणी कला, पारंपरिक महाराष्ट्रीय भोजन और सतत जीवनशैली से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
पूरी तरह डिजिटल होगी पंजीकरण व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सम्मेलन के लिए पूरी तरह डिजिटल पंजीकरण प्रणाली विकसित की जाए। इसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, राज्यवार नामांकन, दस्तावेज़ सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित डिजिटल पहचान पत्र, मोबाइल कार्यक्रम गाइड और लाइव सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रतिभागियों का प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाया जाए। साथ ही खेल क्षेत्र में निजी निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को प्रोत्साहित करते हुए खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए कॉर्पोरेट खेल फाउंडेशनों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दशक में महाराष्ट्र को खेल क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी आवश्यक है।

