
सांगली। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री डॉ. अण्णासाहेब डांगे (आप्पा) के जीवनकार्य पर आधारित ‘आम्रवृक्ष’ आत्मचरित्र का विमोचन रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। इस अवसर पर संत ज्ञानेश्वर शिक्षण संस्था के आष्टा शैक्षणिक परिसर में सुभद्रा इंटरनेशनल स्कूल, अण्णासाहेब डांगे कॉलेज ऑफ फार्मेसी और अण्णासाहेब डांगे औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन तथा शिलान्यास भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने डॉ. अण्णासाहेब डांगे के सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और किसान हित के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. डांगे महाराष्ट्र के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के भीष्म पितामह हैं। मजबूत व्यक्तित्व, अनुशासन, प्रशासन पर पकड़ और गहन अध्ययन के माध्यम से उन्होंने जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को टैंकरमुक्त करने के लिए डॉ. डांगे ने मंत्री रहते हुए पहल की थी। प्रत्येक गांव में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नियोजन करते हुए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की स्थापना में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1980 के दशक के अंत में डॉ. डांगे ने किसानों की कर्जमाफी की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने इस आंदोलन को राजनीतिक स्वरूप देकर किसानों के अधिकारों की लड़ाई को व्यापक बनाया। डॉ. डांगे यह समझते थे कि जमीनी स्तर तक पहुंचने के लिए किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता देना जरूरी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य सरकार की किसान कर्जमाफी की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने 56 लाख किसानों की कर्जमाफी की है। इनमें से पहले चरण में करीब 6 लाख 22 हजार 207 किसानों के खातों में लगभग 5,029 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। शेष पात्र किसानों के खातों में भी दो महीने के भीतर राशि जमा की जाएगी। इसके अलावा समय पर और ईमानदारी से कर्ज चुकाने वाले किसानों के खातों में 50 हजार रुपये जमा किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने डॉ. डांगे के सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्यादेवी होलकर के चौंडी स्थित जन्मस्थान की खोज कर उसके विकास और जीर्णोद्धार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। साथ ही वाटेगांव में लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे के स्मारक के निर्माण की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चौंडी में राजमाता अहिल्यादेवी होलकर के जन्मस्थान के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये का विकास आराखड़ा तैयार किया है। वहीं, अण्णाभाऊ साठे के स्मारक के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है और भव्य स्मारक का निर्माण भी शुरू हो गया है। डॉ. डांगे ने सामाजिक कार्यों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र में एक उत्कृष्ट आश्रमशाला का निर्माण किया। विभिन्न चुनौतियों के बावजूद दीनदयाल सूतगिरणी का संचालन अच्छी तरह से जारी है। मुख्यमंत्री ने डॉ. डांगे के जड़ी-बूटियों के ज्ञान का उल्लेख करते हुए उन्हें स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विधान परिषद सभापति प्रा. राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर, मंत्री चंद्रकांत पाटील, शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, जयकुमार गोरे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

