Saturday, April 20, 2024
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श्रद्धा का चेहरा पेट्रोल से जलाया, हड्डियों को ग्राइंडर में पीसकर किया पाउडर… आफताब का पूरा कबूलनामा

नई दिल्ली: श्रद्धा मर्डर केस में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने बड़ा कबूलनामा किया है। आफताब ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाकर के 35 टुकड़े किए थे और उसकी लाश को फ्रिज में रखा था। अब उसने पुलिस के सामने ये कबूल किया है कि उसने लाश के कई टुकड़ों को पेट्रोल से जलाया। यही नहीं बल्कि श्रद्धा की हड्डियों को ग्राइंडर में पीसकर पाउडर बनाया। आफताब ने बताया कि मैं श्रद्धा को लेकर पजेसिव था और झगड़े में मैं उसके साथ मारपीट कर देता था जिसकी उसने शिकायत मुंबई में पुलिस में भी की थी। हम दोनों ने अपने रिश्ते में सुधार करने के लिए ट्रिप का प्लान किया था।

वहीं, दिल्ली की एक कोर्ट ने मंगलवार को आफताब के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया। पुलिस ने 24 जनवरी को इस मामले में आरोप पत्र दायर किया था। अदालत ने पूनावाला की हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद कोर्ट ने मामले की जांच के लिए 21 फरवरी की तारीख तय की है। सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर तैयार की गई है, इसमें करीब 100 गवाह हैं।

आफताब का पूरा कबूलनामा

मैं श्रद्धा को लेकर पजेसिव था और झगड़े में मैं उसके साथ मारपीट कर देता था जिसकी उसने शिकायत मुंबई में पुलिस में भी की थी। हम दोनों ने अपने रिश्ते में सुधार करने के लिए Packing Trip का plan किया और हम दोनों ट्रिप पर 28-29/03/2022 को मुंबई से निकल गए और हरिद्वार पहुंच गए। हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी, मनाली और चंडीगढ़ घूमते हुए पारवती वैली पहुंचे और जहां हमें बद्री नाम का लड़का मिला। जिससे हमारी बंबल एप से दोस्ती हुई थी और उसने हमें अपने घर दिल्ली आने के लिए कहा था। हम करीब एक सवा महीने घूमने के बाद मई 2022 के पहले हफ्ते लगभग दिनांक 05/05/2022 को बद्री के घर छत्तरपुर पहाड़ी दिल्ली पर पहुंचे थे। हम उसके घर पर करीब 8-10 दिन रुके थे और वहां भी मेरे और श्रद्धा के बीच झगड़े हुए थे और इस कारण से हमारा ब्रेकअप हो गया था।

मेरे और श्रद्धा के बीच में अक्सर झगड़े होने के कारण बद्री ने हमें अपने घर से जाने को कहा और इसके बाद करीब दो दिन बाद रुककर दिनांक 16/05/2022 से हम दोनों ने ब्रोकर राहुल रॉय के जरिये रोहन कुमार नील के मकान H. No. 93, Gali No. 1. 60 Futa Road, Chattarpur Pahari, New Delhi पर फर्स्ट फ्लोर को किराए पर ले लिया और रहने लगे। उस समय हम दोनों की कही जॉब भी नहीं थी और ज्यादातर पैसा ट्रिप मे खर्च हो चुका था तो यहां पर भी हम दोनों में छोटी-छोटी बातों को लेकर काफी झगडा होने लगा और दिनांक 18/05/2022 को शाम करीब 6-6.30 बजे श्रद्धा ने मुझे अपने किराए के घर वसई से जाकर घर का सामान लाने की कही। टिकट भी बुक कराया था लेकिन मैंने उसे तबीयत खराब होना बताकर जाने से मना किया तो वह गुस्सा हो गई और कहने लगी कि दोनों के पास केवल दो बैग है और खाने पीने का कोई सामान नहीं है।

ऐसे लगाया लाश को ठिकाने
रोजाना मार्केट का खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं है कहकर जिद की तो मैंने उसे आधा पैसा खर्चे का देने की बात कही जिस पर श्रद्धा आग बबूला हो गई और मुझे गाली गलोच करने लगी। मैं उसकी झगडा करने और गाली देने की हमेशा की आदत से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए उसको हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने के लिए ठान कर उसको जान से मारने के लिए उसको पकड़कर फर्श पर गिरा लिया और उसकी छाती पर बैठकर अपने दोनों हाथों से कसकर उसका गला तब तक दबाये रखा जब तक वह मर नहीं गई। इसके बाद उसकी डेड बॉडी को बाथरूम में छिपा दिया। फिर मैंने उसकी डेड बॉडी को डिस्पोज करने के लिए छोटे छोटे टुकड़े करके बड़े ब्रीफकेस में डालकर फेंक आने की प्लानिंग की और छत्तरपुर पहाड़ी से एक जंगल में फेंक दी।

इसलिए कैंसिल किया ब्रीफकेस का प्लान
इसके बाद 652 नंबर दुकान से एक हैमर एक आड़ी (आरी) और उसके तीन ब्लेड खरीदे। घर पर आकर डेड बॉडी के दोनों हाथ आरी से काटकर एक पॉलिथीन में बाथरूम में ही रख दिया। दिनांक 19/05/2022 को मैंने मंदिर वाली रोड छत्तरपुर के पास एक दुकान से ट्रेश बैग, एक चाकू और एक चॉपर खरीदा था और चाकू को बैग में रख दिया था। इसके बाद मैंने वाई पॉइंट छतरपुर से फ्रिज खरीदा था जिसके मैंने करीब 25000 रुपये अपने सिटी बैंक के क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया था और फ्रिज मेरे पते पर उसी दिन शाम को दुकानदार ने भिजवा दिया था। शाम को मैंने श्रद्धा की डेड बॉडी के दोनों पैरों को एंकल से काटकर उनको ट्रैश बैग में डाल कर वहां पैक किया था और काटे हुए बॉडी पार्ट्स को खरीदे हुए फ्रिज के फ्रीजर में रख दिए। बॉडी पार्ट्स को काटने के बाद फैले खून हार्पिक से साफ कर दिया था। दिनांक 20.05.2022 को मैंने डेड बॉडी को काटकर डिस्पोज करने के लिए प्लानिंग के तहत मैंने महरौली मार्केट से एक बड़ा लाल रंग का ब्रीफकेस भी खरीदा था जिसके मैंने 2000 रुपये अपने गूगल पे से दिए थे लेकिन डर से ब्रीफकेस वाले प्लान को छोड़ दिया था। डेड बॉडी को डिस्पोज करने के लिए छोटे छोटे टुकड़े जंगल में अलग-अलग जगह पर फेंकने की दोबारा प्लानिंग बनाई थी और शाम को उसकी बॉडी से उसका सिर,अन्य बॉडी पार्ट्स को काटकर अलग कर लिए। उसके पेट से उसकी अंतड़िया निकालकर पॉलिथीन में डालकर 60 फूटा रोड छतरपुर पहाड़ी के कोने पर रखे बड़े डस्टबिन में डाल दी। उसके अन्य बॉडी पार्ट्स सिर, दोनों कलाइयों को छोड़कर उसकी अंगुलियों को ब्लो टोर्च से छतरपर पहाड़ी से रोड पार कर फेंक दिया।

पहले पेट्रोल से जलाया, फिर बची हड्डियों का बनाया पाउडर
उसके बाकी पार्ट्स शमशान घाट के पास नाले वाले जंगल, उसके एक हाथ का अंगूठा धान मिल की दिवार के पास और अन्य बॉडी पार्ट्स हाथ वगैरह गुरुग्राम की तरफ जाने वाले MG रोड पर छतरपुर पहाड़ी के पास जंगल में अलग-अलग जगह सबूत खत्म करने के मकसद से पेट्रोल डालकर जला दिए थे। बाद में बची हुई हड्डियों पर पानी डालकर आग बुझाकर हड्डियों को मार्बल घिसने वाले ग्राइंडर से अपने किराए के घर की छत पर ले जाकर पाउडर बनाया, फिर उसे 100 फूटा सड़क पर डाल दिया था। सिर को मैंने उसकी पहचान होने के डर से अपने पास फ्रीजर में रखा था और इसके बाद वारदात के करीब तीन-चार महीनों बाद उसके सिर और चेहरे को ब्लो टोर्च से विकृत किया। उसके बाल और कपड़ों को छतरपुर पहाड़ी के कोने पर रखे डस्टबिन में डाल दिया था।

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