
मुंबई। महाराष्ट्र में निजी यात्री बसों के जरिए कूरियर पार्सल अथवा अवैध माल ढुलाई करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को विधानसभा में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले बस मालिकों और चालकों का परमिट निलंबित करने से लेकर स्थायी रूप से रद्द तक किया जाएगा। विधानसभा सदस्य शंकर जगताप द्वारा उठाए गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री सरनाईक ने बताया कि राज्य में निजी बसों द्वारा अवैध माल ढुलाई पर वायु वेग उड़नदस्ता लगातार निगरानी रख रहा है। अब मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 86 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों के अनुसार पहली बार उल्लंघन पर 7 से 10 दिन, दूसरी बार 10 से 15 दिन, तीसरी बार 15 से 30 दिन तक परमिट निलंबित रहेगा, जबकि चौथी बार नियम तोड़ने पर परमिट सीधे रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 5,728 निजी यात्री वाहनों पर कार्रवाई कर 4.61 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। वहीं 1 अप्रैल से 31 मई 2026 के बीच 1,454 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 78.18 लाख रुपये का दंड वसूल किया गया।राष्ट्रीय राजमार्गों पर फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से बसें खड़ी करने की समस्या पर भी सरकार गंभीर है। इसके लिए महानगरपालिकाओं से जानकारी मांगी गई है और अधिकृत बस स्टॉप विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) के पास वर्तमान में लगभग 8,300 बसें उपलब्ध हैं और बसों की कोई कमी नहीं है। जनप्रतिनिधियों की मांग पर अतिरिक्त बसें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।



