
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ट्रिपल तलाक निषेध कानून को पूरी सख्ती से लागू करेगी और किसी भी मुस्लिम महिला के साथ अन्याय नहीं होने देगी। यह आश्वासन गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में दिया। मंगलवार को विधानसभा सदस्य देवयानी फरांडे द्वारा प्रस्तुत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मंत्री कदम ने कहा कि सरकार मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने नासिक के एक मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि 8 मई 2026 को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पति ने फोन पर उसे तलाक दिया। शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, लेकिन आठ दिन बाद ही महिला पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। इस मामले में भी आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मंत्री कदम ने बताया कि वर्ष 2024 में ट्रिपल तलाक से जुड़े 42 मामले दर्ज हुए थे और सभी शिकायतें सही पाई गईं। इन मामलों में 152 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं 2025 में 39 मामले दर्ज हुए, जिनमें 137 आरोपियों पर कार्रवाई और 95 लोगों की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू ट्रिपल तलाक कानून के तहत फोन, संदेश, व्हाट्सऐप या ई-मेल के माध्यम से तलाक देना अपराध है और राज्य सरकार इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विषय पर मंत्री कदम ने कहा कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक है। इसके लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो अध्ययन और सुझावों के आधार पर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद विवाह संबंधी समान नियम लागू किए जाएंगे और बहुविवाह (पॉलिगैमी) जैसे विषयों पर भी आवश्यक कानूनी प्रावधानों और प्रतिबंधों पर विचार किया जाएगा। सरकार मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



