
मुंबई। मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली बेस्ट बस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने आखिरकार अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला कर लिया है। रविवार देर रात बेस्ट कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई मांगों पर सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक में बेस्ट कर्मचारियों के वेतन में अंतरिम राहत (हंगामी भत्ता) देने का फैसला किया गया। इसके तहत स्थायी कर्मचारियों के वेतन में प्रति माह 3,000 रुपये तथा वेट-लीज (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों के वेतन में प्रति माह 2,000 रुपये की वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी नए वेतन समझौते तक अंतरिम राहत के रूप में लागू रहेगी।
ग्रेच्युटी भुगतान का भी निर्णय
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि बेस्ट कर्मचारियों की लंबित ग्रेच्युटी राशि का भुगतान भी चालू वित्तीय वर्ष में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के प्रति सकारात्मक है और उनकी वैध मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
तीन वर्षों में 5,000 इलेक्ट्रिक बसें
बैठक में बेस्ट के बेड़े को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों ने मांग की कि किराये (वेट-लीज) की बसों पर निर्भरता कम कर बेस्ट की स्वयं की बसों की संख्या बढ़ाई जाए। इस पर सरकार ने अगले तीन वर्षों में 5,000 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का निर्णय लिया है। शिंदे ने कहा कि केंद्र सरकार भी इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है और इसी नीति के अनुरूप बेस्ट के आधुनिकीकरण की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
बेस्ट को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की योजना
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बेस्ट उपक्रम को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक समिति गठित की गई है। यह समिति बेस्ट के पुनर्गठन और आधुनिकीकरण से संबंधित प्रस्तावों पर काम करेगी, जिससे कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और संस्था को वित्तीय स्थिरता मिल सके।
15 दिनों में फिर होगी बैठक
बैठक में यह भी तय किया गया कि कर्मचारियों के अन्य लंबित मुद्दों पर अगले 15 दिनों के भीतर एक और बैठक आयोजित की जाएगी। सरकार और कर्मचारी संगठनों ने सभी शेष मुद्दों का समाधान बातचीत के माध्यम से करने पर सहमति जताई है। इस समझौते के बाद बेस्ट कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है, जिससे मुंबईवासियों को बड़ी राहत मिली है और सार्वजनिक बस सेवा सामान्य रूप से जारी रहेगी।



