
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई दुर्ग की तलहटी में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि योग केवल 21 जून तक सीमित रहने वाला आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र की आधारशिला है और योग इसके लिए सबसे प्रभावी माध्यम है। ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ (स्वस्थ आयु के लिए योग) थीम पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग की ई-पत्रिका का विमोचन भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषि परंपरा ने प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन को संतुलित बनाने का मार्ग दिखाया है और योग उसी परंपरा की अमूल्य देन है।
प्रधानमंत्री मोदी ने योग को दिलाई वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आज दुनिया के लगभग 200 देशों में योग अपनाया जा रहा है और करोड़ों लोग इसके माध्यम से स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने के साथ आयुष और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर भी सृजित किए हैं।
स्वस्थ शरीर से ही संभव है सफलता का हर मार्ग
मुख्यमंत्री ने शास्त्रों के प्रसिद्ध वाक्य “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर के बिना जीवन के किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। स्वस्थ विद्यार्थी शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करता है, स्वस्थ किसान कृषि में नए कीर्तिमान स्थापित करता है, स्वस्थ श्रमिक विकास की नई इबारत लिखता है और स्वस्थ वैज्ञानिक देश को नई उपलब्धियां देता है। इसलिए स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
योग अपनाइए, रोग और समय से पहले बुढ़ापे से बचिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग की परंपरा आदियोगी भगवान शिव से प्रारंभ हुई और ऋषि-मुनियों ने इसे जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने शास्त्रीय उद्धरण “न तस्य रोगो न जरा न मृत्यु: प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि योग से सुदृढ़ बने शरीर के पास न रोग आते हैं और न ही समय से पहले बुढ़ापा। यदि व्यक्ति निरोग और ऊर्जावान जीवन चाहता है तो उसे नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।
21 जून केवल एक दिन नहीं, जीवन का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, जब सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक पृथ्वी को प्राप्त होता है। भारतीय संस्कृति में सूर्य को ऊर्जा और जीवन का स्रोत माना गया है। योग दिवस हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा को प्रकृति की ऊर्जा से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के पर्व और उत्सव भी प्रकृति के साथ संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं।
प्रदेशभर में भव्यता के साथ मनाया गया योग दिवस
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी विभिन्न जिलों में आयोजित योग दिवस कार्यक्रमों में शामिल हुए। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, 825 विकासखंड मुख्यालयों, 350 तहसीलों और 762 नगर निकायों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने झांसी की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि से प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया और सभी के स्वस्थ, सुखी एवं मंगलमय जीवन की कामना की।



