
मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफ़डीए) ने “सुरक्षित अन्न, सुरक्षित औषधे व सुरक्षित महाराष्ट्र” अभियान के तहत अवैध रूप से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 12 अगस्त को नागपुर और सोलापुर में संयुक्त छापेमारी कर Clear Kit और Prega End समेत मेडिकल एबॉर्शन किट (MTP Kit) की अवैध बिक्री का भंडाफोड़ किया गया।
नागपुर में अवैध मेडिकल एबॉर्शन किट रैकेट का खुलासा
शुक्रवार को एफडीए ने बताया कि एफ़डीए नागपुर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस के साथ मिलकर विनोबा भावे नगर स्थित डॉ. सचिन मरघड़े के ‘श्री साई दवाखाना’ पर छापा मारा गया। जांच में बिना लाइसेंस बड़ी मात्रा में दवाओं का भंडारण और बिक्री का खुलासा हुआ। कार्रवाई के दौरान Prega End Kit और Misopril Kit पर निर्माता का लेबल और बैच नंबर जानबूझकर मिटाए या काली स्याही से ढके हुए पाए गए। आगे की जांच में पुलिस ने जाल बिछाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास क्रमशः 6 और 44 मेडिकल एबॉर्शन किट अवैध रूप से बरामद हुईं। मुख्य सप्लायर की तलाश जारी है। एफडीए ने क्लिनिक से Alprazolam और Sildenafil सहित करीब 45,649 रुपये मूल्य की बिना लाइसेंस रखी गई दवाएं जब्त की हैं। मामले में यशोधरा नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता-2023 और एनडीपीएस अधिनियम-1985 की विभिन्न धाराओं के तहत डॉक्टर समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।
सोलापुर में ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अवैध बिक्री का मामला
एफडीए मुख्यालय से मिली सूचना के आधार पर सोलापुर में एक व्यक्ति द्वारा IndiaMART के माध्यम से गर्भपात की दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री किए जाने का पता चला। इसके बाद एफडीए और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी के घर पर छापा मारकर 26 मेडिकल एबॉर्शन किट जब्त कीं, जिनकी कीमत 9,532 रुपये बताई गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह दवा भंडार दूसरे राज्य से मंगाया गया था। इस मामले में IndiaMART के निदेशकों सहित चार आरोपियों के खिलाफ एमआईडीसी पुलिस स्टेशन, सोलापुर में मामला दर्ज किया गया है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी अलग कार्रवाई की जा रही है।
एफडीए की लोगों से अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना डॉक्टर की पर्ची के ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से MTP Kit जैसी गर्भपात की दवाएं न खरीदें। ऐसी दवाओं का उपयोग केवल प्रशिक्षित और अधिकृत चिकित्सक की निगरानी में ही किया जाना चाहिए, अन्यथा गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि अवैध रूप से गर्भपात की दवाओं की खरीद-बिक्री करने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

