
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई की परिवहन व्यवस्था को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों को मेट्रो की तर्ज पर विकसित करने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण करने वाले कारखाने में ही स्वचालित दरवाजों, वातानुकूलित कोच और आधुनिक सुविधाओं से लैस नई लोकल ट्रेनों का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि 2027 तक 238 मेट्रो जैसी नई उपनगरीय लोकल ट्रेनें मुंबईकरों की सेवा में होंगी, जबकि मार्च 2030 तक पूरी उपनगरीय लोकल सेवा को मेट्रो जैसी आधुनिक ट्रेनों में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई के परिवहन इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है और शुरू की गई नई आधारभूत परियोजनाएं शहर की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देंगी। गुरुवार को सह्याद्री अतिथि गृह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की दो आधारभूत परियोजनाओं का ई-लोकार्पण किया। इसके साथ ही ठाणे-बोरीवली दोहरी भूमिगत सुरंग परियोजना के ठाणे छोर पर दूसरी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘अर्जुन’ का शुभारंभ किया गया तथा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के जी-ब्लॉक को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ने वाले फ्लाईओवर का नाम पूर्व मुख्यमंत्री बैरिस्टर बाबासाहेब अनंतराव भोसले के नाम पर रखा गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, विधायक प्रवीण दरेकर, राजहंस सिंह, अबू आजमी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में एक ओर आधुनिक, वातानुकूलित और आरामदायक मेट्रो सेवा उपलब्ध है, जबकि दूसरी ओर लाखों यात्रियों को भीड़भाड़ वाली उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सफर करना पड़ता है। अब यह अंतर जल्द समाप्त होगा। नई लोकल ट्रेनों में यात्रियों को मेट्रो जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे सफर अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनेगा। उन्होंने बताया कि बीकेसी क्षेत्र की ट्रैफिक समस्या खत्म करने के लिए वर्ष 2017-18 में छह कनेक्टिंग रोड बनाने का निर्णय लिया गया था, जो अब बढ़कर आठ हो चुके हैं। अंतिम कनेक्टिंग लिंक के शुरू होने से पूर्व और पश्चिम मुंबई के बीच यातायात अधिक सुगम होगा। भारत नगर रोड से वाकोला जंक्शन तक 1.40 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने से बीकेसी और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे कलिना, वाकोला और कलानगर क्षेत्र की ट्रैफिक समस्या कम होगी और यात्रियों का सफर लगभग 35 मिनट तक घट जाएगा। मुख्यमंत्री ने लिंक रोड के निकास बिंदुओं पर होने वाली ट्रैफिक भीड़ को कम करने के लिए अंडरपास सहित अन्य विकल्पों पर भी काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेंबूर मेट्रो स्टेशन भविष्य में मुंबई का महत्वपूर्ण मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनेगा। यह स्टेशन मेट्रो लाइन-2बी (डीएन नगर–मंडाले) के पहले चरण का प्रमुख स्टेशन है और उपनगरीय रेलवे, मोनोरेल तथा मेट्रो को एक साथ जोड़ने का काम करेगा। स्टेशन पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे, सायन-पनवेल हाईवे, ईस्टर्न फ्रीवे और सांताक्रूज़-चेंबूर लिंक रोड के निकट स्थित है। यहां 185 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, सीसीटीवी, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, प्राथमिक उपचार कक्ष और ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा के अनुरूप आधुनिक संरचना विकसित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मुंबई में 60 से 70 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनों को चालू करने का लक्ष्य है। वर्तमान में जहां प्रतिदिन लगभग 90 लाख लोग लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं, वहीं मेट्रो नेटवर्क को लगभग 70 लाख यात्रियों की क्षमता तक विकसित किया जा रहा है। फडणवीस ने बताया कि ठाणे-बोरीवली दोहरी भूमिगत सुरंग परियोजना देश की सबसे लंबी अंडरग्राउंड ट्विन टनल होगी। 23 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के पूरा होने पर यात्रा दूरी घटकर लगभग 11 किलोमीटर रह जाएगी और ठाणे से बोरीवली की यात्रा मात्र 12 से 15 मिनट में पूरी हो सकेगी। पहले सुरंग के लिए टीबीएम ‘नायक’ पहले से काम कर रही है, जबकि दूसरे सुरंग के लिए टीबीएम ‘अर्जुन’ का शुभारंभ किया गया है। जल्द ही बोरीवली छोर से भी दो नई टीबीएम मशीनें कार्य शुरू करेंगी, जिससे परियोजना का निर्माण समानांतर गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री बैरिस्टर बाबासाहेब अनंतराव भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में स्वतंत्रता सेनानियों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गईं, गडचिरोली जिले का गठन, लड़कियों के लिए दसवीं तक निःशुल्क शिक्षा तथा औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) में मुंबई हाईकोर्ट की खंडपीठ की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि मुंबई के विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में एमएमआरडीए की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और भविष्य में भी यह संस्था महानगर की परिवहन व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

