
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2024 और 2025 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाने में कलाकारों का योगदान अमूल्य है तथा उनकी साधना और सृजनशीलता भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ियों तक पहुंचा रही है। समारोह में महाराष्ट्र के कुल 10 कलाकारों को सम्मानित किया गया। वर्ष 2024 के पुरस्कारों में अरुण कशाळकर (हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन), आनंद भाटे (अभंग गायन), अरुण नलावडे (अभिनय), मुकुंद मराठे (पारंपरिक रंगमंच), सुभाष नारायण नकाशे (लोकनृत्य) और शुभदा वरदकर (नृत्य शोध) शामिल रहे। वहीं वर्ष 2025 के लिए शैलेश भागवत (शहनाई वादन), प्रमोद डी. पवार (निर्देशन), वरिष्ठ संगीतकार अशोक पत्की (नाट्य संगीत में उल्लेखनीय योगदान) तथा मनीषा साठे (कथक) को सम्मानित किया गया। प्रत्येक पुरस्कार में नकद राशि, ताम्रपत्र और शॉल प्रदान की गई। समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल तथा संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

