
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों से भारत को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती समस्या देश के युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है और इससे निपटने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर काम करना होगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है। इसलिए युवाओं का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब परिवार, समाज, स्वयंसेवी संगठन, शैक्षणिक संस्थान और सभी नागरिक इसमें सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मोदी ने स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों (NGO), सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं और आध्यात्मिक संगठनों से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने प्रत्येक परिवार से भी इस पहल में शामिल होकर युवाओं को नशे से दूर रखने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2 अगस्त को ‘विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा मुक्त युवा’ पहल शुरू की गई थी। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने-अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव के दूत के रूप में तैयार करना है। इसके साथ ही देशभर में 100 सप्ताह तक चलने वाला ‘जन भागीदारी’ अभियान भी शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रत्येक रविवार को विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें खेल प्रतियोगिताएं, वॉकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, कला प्रतियोगिताएं, विचार-विमर्श और सामुदायिक सहभागिता जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त भारत केवल सरकार का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी से देश को नशे की समस्या से मुक्त कर युवाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त भविष्य तैयार किया जा सकता है।





