
मुंबई। भोंदू बाबा अशोक खरात से जुड़े मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए मंगलवार को देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि इस प्रकरण में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल आठ एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से सात मामलों की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है, जबकि एक मामला नासिक शहर की क्राइम ब्रांच के पास है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से डिलीट डेटा रिकवर कर आगे की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और यह भी जांचा जा रहा है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। इस प्रकरण की शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को नासिक जिले के वावी थाने में दर्ज एक रंगदारी की शिकायत से हुई थी, जिसमें व्हाट्सऐप पर अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की मांग का आरोप लगाया गया था। इसके बाद शिर्डी में एक महिला ने एआई आधारित अश्लील फोटो भेजकर धमकाने की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच में ठोस सबूत नहीं मिले, लेकिन आगे की जांच में आरोपी से जुड़े वीडियो सामने आए। इन वीडियो में महिलाओं के साथ धार्मिक अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र के नाम पर अश्लील हरकतें करने के आरोप सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया और आरोपी के देश छोड़कर भागने की आशंका को ध्यान में रखते हुए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया। जांच एजेंसियों ने आरोपी के ड्राइवर, कर्मचारियों, फार्महाउस स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। महत्वपूर्ण गवाहों को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है, ताकि वे बिना किसी दबाव के सच्चाई सामने ला सकें। इसी बीच, नासिक के सरकारवाड़ा थाने में एक अन्य महिला ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी ने दैवी शक्तियों का भय दिखाकर और नशीले पदार्थ देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के ठिकानों से नकदी, लैपटॉप, हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई है, जबकि मोबाइल डेटा फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अब तक छह पीड़ित महिलाओं की पहचान हो चुकी है और उनके आधार पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश जारी है और उन्हें आगे आकर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हटाए जा रहे हैं। साथ ही, पहचान उजागर करने वाले मीडिया संस्थानों को नोटिस जारी कर ऐसी रिपोर्टिंग पर रोक लगाई गई है। प्राथमिक जांच में आरोपी के पास करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है, जिसमें जमीन, फ्लैट, बंगले और विदेश यात्राओं से जुड़े विवरण शामिल हैं। साथ ही आर्थिक लेन-देन, टैक्स चोरी और अन्य अनियमितताओं की भी जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ अंतरिम रिपोर्ट है और जांच अभी जारी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला अधिकारियों को जांच में शामिल किया गया है और आने वाले समय में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।




