
मुंबई। सांताक्रूज़ स्थित फॉर्च्यून हाईट हाउसिंग सोसायटी परिसर में छात्रों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की शिकायतों पर पुलिस जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। हालांकि, सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित व्यवहार के कुछ मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। मंगलवार को यह जानकारी योगेश कदम ने विधानसभा में दी। यह मुद्दा संजय पोतनीस द्वारा उठाया गया था, जिसमें सांताक्रूज़ स्थित एक स्कूल—पब्लिक विद्यालय एंड जूनियर कॉलेज—के कुछ छात्रों पर ड्रग्स सेवन के आरोप लगाए गए थे। इस चर्चा में नाना पटोले और अतुल भातखळकर ने भी भाग लिया। राज्यमंत्री योगेश कदम ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर बैठक आयोजित कर स्थिति की समीक्षा की गई और नागरिकों की शंकाओं का समाधान किया गया। जांच के दौरान ड्रग्स सेवन के कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आए, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासनहीनता के मामलों में मुंबई पुलिस अधिनियम (कोटपा एक्ट) के तहत कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त नीति अपना रही है। केवल सेवन करने वालों पर ही नहीं, बल्कि ड्रग्स सप्लाई करने वाले पेडलर्स के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर मकोका के तहत भी कार्रवाई की जाती है। ड्रग्स के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मुंबई में नशीले पदार्थों के खिलाफ व्यापक और आक्रामक अभियान लगातार जारी है। अंत में, उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी के पास इस तरह की गतिविधियों से जुड़ी ठोस जानकारी हो, तो वे तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।



