मध्य रेल के डिजिटल टिकटिंग अभियान से बढ़ी सुविधा, 6.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त

अशोक श्रीवास्तव/मुंबई। मध्य रेल ने अपने यात्रियों के लिए टिकटिंग व्यवस्था को और अधिक आसान और तेज बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यूटीएस प्रणाली और ‘रेल वन’ जैसे मोबाइल टिकटिंग ऐप्स के बाद अब मोबाइल यूटीएस सहायकों की सुविधा यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। इस पहल के माध्यम से 31 अक्टूबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 के बीच कुल 5.40 लाख यात्रियों को सुविधा प्रदान की गई, जबकि 3.86 लाख टिकट जारी कर मध्य रेल को 6.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।मध्य रेल ने इस सुविधा की शुरुआत 31 अक्टूबर 2025 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्टेशन पर की थी। शुरुआत में यात्रियों की सहायता के लिए तीन मोबाइल यूटीएस सहायकों की नियुक्ति की गई थी। बाद में यात्रियों की बढ़ती संख्या और सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए जनवरी 2026 में पांच और सहायकों को शामिल किया गया, जिससे इनकी कुल संख्या आठ हो गई।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, केवल अप्रैल 2026 महीने में ही इन सहायकों ने 1.72 लाख यात्रियों को सेवा देते हुए 1.25 लाख टिकट जारी किए और 2.22 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया।मोबाइल यूटीएस सहायकों को मोबाइल फोन और पोर्टेबल टिकट प्रिंटिंग मशीन उपलब्ध कराई गई है। ये सहायक स्टेशन परिसर, कॉन्कोर्स और होल्डिंग एरिया में यात्रियों के पास जाकर मौके पर ही टिकट उपलब्ध कराते हैं। यात्री नकद या डिजिटल दोनों माध्यमों से भुगतान कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें टिकट काउंटर पर बैठकर भी टिकट जारी करने की अनुमति है।मध्य रेल का कहना है कि इस पहल से न केवल टिकटिंग प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक हुई है, बल्कि टिकट विहीन यात्रा पर भी काफी हद तक नियंत्रण लगाने में मदद मिली है। लंबी कतारों और भीड़भाड़ के कारण बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आई है। मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे मोबाइल यूटीएस सहायकों की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, क्योंकि यह सुविधा समय बचाने के साथ-साथ यात्रा को अधिक सुगम और आरामदायक बनाती है।




