
मुंबई। राज्य में लाइव मनोरंजन (Live Entertainment) क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लाइव इवेंट्स के लिए अनुमति हेतु ‘सिंगल विंडो’ सुविधा स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस संबंध में समग्र कार्यप्रणाली (SOP) के साथ पूर्ण कार्यान्वयन के लिए सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय को समन्वय संस्था (नोडल एजेंसी) के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस संबंध में हाल ही में शासनादेश जारी किया गया है। लाइव इवेंट्स, कॉन्सर्ट और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आवश्यक अनेक अनुमतियों को सरल बनाने के उद्देश्य से ‘सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में किसी भी बड़े कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को पुलिस, अग्निशमन, बिजली, नगर निगम, राजस्व, पर्यावरण आदि विभिन्न विभागों से अलग-अलग अनुमतियां लेनी पड़ती हैं। इस प्रक्रिया में अधिक समय लगता है और कई प्रकार के दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। अब समय और कागजी प्रक्रिया को कम कर पूरी प्रक्रिया में एकरूपता लाई जाएगी। इस संदर्भ में राज्य में मानकीकृत कार्यप्रणाली (SOP) तैयार करने हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता प्रधान सचिव (सूचना एवं जनसंपर्क) करेंगे और इसमें पुलिस, यातायात, नगर निगम, अग्निशमन, बिजली, स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे।सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय को इस प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। राज्य में सभी लाइव इवेंट्स की अनुमतियों के लिए समन्वय की जिम्मेदारी यह संस्था निभाएगी। अनुमतियों की प्रक्रिया को अधिक तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए सरकार द्वारा एक ऑनलाइन डैशबोर्ड और आईटी प्रणाली विकसित की जाएगी। आवश्यकता होने पर तकनीकी सहायता के लिए बाहरी एजेंसी की नियुक्ति भी की जाएगी। भारत की लाइव मनोरंजन अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने और वर्ष 2030 तक इसे वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के उद्देश्य से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के स्तर पर 21 अक्टूबर 2025 को ‘लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल’ की स्थापना की गई है। इस सेल के माध्यम से देश में सांस्कृतिक, आर्थिक और रोजगार क्षमता को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई में आयोजित वेव्स कॉन्फ्रेंस 2025 में हुई चर्चाओं और प्रस्तावों के अनुसार, लाइव इवेंट उद्योग और कॉन्सर्ट अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक राज्य में लाइव इवेंट डेवलपमेंट सेल स्थापित किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में भी लाइव मनोरंजन अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने और विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह विषय राज्य प्रशासन के विभिन्न विभागों से संबंधित होने के कारण सभी संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक राज्य को लाइव इवेंट्स के संबंध में कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं और इस दिशा में महाराष्ट्र में कार्य शुरू हो चुका है। ‘लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल’ द्वारा तैयार मानकीकृत SOP प्राप्त होने के बाद राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार उसमें संशोधन किया जाएगा। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा लाइव इवेंट्स की अनुमति प्रक्रिया के लिए ICH (Integrated Clearance Hub) पोर्टल विकसित किया गया है। इसके आधार पर राज्य के लिए एक प्रभावी और उद्योग-अनुकूल कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी। भविष्य में महाराष्ट्र के लिए लाइव इवेंट्स की अनुमति और संबंधित व्यवस्था के लिए सिंगल विंडो सिस्टम डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। यह प्रणाली ‘Ease of Doing Business’ के अंतर्गत कार्य करेगी। इसके बाद महाराष्ट्र का सिंगल विंडो सिस्टम डैशबोर्ड ICH पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस निर्णय से लाइव इवेंट्स के आयोजन की प्रक्रिया सरल और तेज़ होगी, जिससे इस उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही पर्यटन, निवेश और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।




