
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। झाँसी के जिलाधिकारी गौरांग राठीने कहा कि जनपद और बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए औद्योगिक प्रगति बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उद्योगों के विस्तार से ही क्षेत्र में रोजगार, निवेश और खुशहाली आएगी। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित जिला उद्योग बंधु समिति, व्यापार बंधु समिति तथा जनपद स्तरीय एमओयू क्रियान्वयन इकाई की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने उद्यमियों और व्यापारियों से सीधे संवाद किया। बैठक में मौजूद उद्योगपतियों और व्यापारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर जिलाधिकारी का स्वागत किया। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लिए सरकार बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ स्थानीय उद्यमियों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने बैंकर्स को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) वित्तीय सहायता योजना के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखे जाएं।
उन्होंने कहा कि युवा उद्यमियों को रोजगार स्थापित करने में बैंक पूरी गंभीरता से सहयोग करें और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रणनीति बनाकर ऋण वितरण सुनिश्चित करें। स्टैंडअप इंडिया योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने महिला एवं अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराने और योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योगपतियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्यमी संजय अग्रवाल ने बिजौली ग्रोथ सेंटर स्थित अपने भूखंड से गुजर रही 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन हटाने का मामला उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अगली बैठक से पहले प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
वहीं डॉ. कीर्ति बुंदेला द्वारा बिजौली ग्रोथ सेंटर के आवासीय परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया गया। जिलाधिकारी ने जल निगम को जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और समय सीमा तय करते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। व्यापार बंधु समिति की बैठक में मानिक चौक के व्यापारियों ने सार्वजनिक शौचालय को लेकर नाराजगी जताई। व्यापारी विक्रांत सेठ ने कहा कि कई शिकायतों के बावजूद नगर निगम द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया गया। साथ ही विद्युत विभाग द्वारा असुरक्षित केबिन लगाए जाने की शिकायत भी सामने आई। युवा व्यापारी पीयूष रावत ने अधिमास के दौरान मंदिरों में बढ़ती महिलाओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और महिला पुलिस बल की तैनाती की मांग उठाई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने एमएसएमई इकाइयों द्वारा भू-गर्भ जल के अत्यधिक दोहन पर भी चिंता जताई और संबंधित विभागों को प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, एसपी सिटी प्रीति सिंह, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी, एलडीएम योगेश ठाकुर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्यमी और व्यापारी उपस्थित रहे।




