Friday, May 22, 2026
Google search engine
HomeBusinessएआई और नई तकनीक के दम पर महाराष्ट्र बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर...

एआई और नई तकनीक के दम पर महाराष्ट्र बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक की मदद से महाराष्ट्र देश के हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। शोध, नवाचार, पायाभूत सुविधाएं और आर्थिक विकास के क्षेत्र में महाराष्ट्र के आसपास फिलहाल कोई अन्य राज्य नहीं है। नए उद्योग, तकनीक आधारित व्यवसाय और डाटा सेंटर उद्योगों के लिए महाराष्ट्र एक मजबूत इकोसिस्टम बनकर उभर रहा है। इसी वजह से महाराष्ट्र वैश्विक अर्थव्यवस्था, नवाचार और तकनीकी विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। शुक्रवार को मुंबई के जिओ वर्ल्ड सेंटर में आयोजित ‘इमॅजिनेक्स 2026’ कार्यक्रम में अर्णव गोस्वामी द्वारा लिए गए विशेष संवाद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था, एआई, उद्योग और प्रशासनिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश की स्टार्टअप और यूनिकॉर्न राजधानी बन चुका है। वर्ष 2015 में राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 14 लाख करोड़ रुपये की थी, जो आज बढ़कर 54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था वर्तमान में 660 बिलियन डॉलर की हो चुकी है और यदि विकास की यही गति बनी रही तो वर्ष 2030 तक महाराष्ट्र 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र अब केवल भारत के अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा, बल्कि दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अगले दो से तीन वर्षों में महाराष्ट्र सिंगापुर और यूएई जैसी अर्थव्यवस्थाओं को भी पीछे छोड़ सकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने में तकनीक और एआई “फोर्स मल्टीप्लायर” की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने “विकसित महाराष्ट्र 2047” विजन तैयार किया है, जिसमें 2030, 2035 और 2047 के लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन और दीर्घकालीन लक्ष्य तय किए गए हैं। प्रशासनिक सुधारों के लिए 2000 डाटा पॉइंट्स तैयार किए गए हैं और उनकी निगरानी के लिए “विजन मैनेजमेंट यूनिट” बनाई गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हुए निवेश समझौतों का 55 से 60 प्रतिशत हिस्सा वास्तविक निवेश में बदलता है, जबकि दावोस में हुए समझौतों का कन्वर्जन रेट 85 प्रतिशत तक पहुंचा है। प्रत्येक निवेश परियोजना के लिए अलग “रिलेशनशिप मैनेजर” नियुक्त किया गया है और वॉर रूम के माध्यम से उसकी निगरानी की जा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने एआई के लिए अलग विभाग और आयुक्तालय बनाया है। राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली को भी डिजिटल और ब्लॉकचेन आधारित बनाया जा रहा है, जिससे अपराध स्थल से लेकर आरोपपत्र दाखिल होने तक की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी हो गई है। कृषि क्षेत्र में एआई के उपयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “महाविस्तार” ऐप को अब तक 50 लाख किसान डाउनलोड कर चुके हैं। यह किसानों के लिए “वन स्टॉप सोल्यूशन” के रूप में काम कर रहा है। इस ऐप में एआई आधारित एजेंट किसानों को खेती, मौसम, बाजार भाव और फसल संबंधी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। खास बात यह है कि इसमें आदिवासी भाषा “भिल्ली” को भी शामिल किया गया है, जिससे आदिवासी किसान भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारत की युवा आबादी और तेजी से बढ़ता डिजिटल ढांचा एआई को अपनाने के लिए सबसे उपयुक्त वातावरण तैयार कर रहा है। देश की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है और यही युवा शक्ति भारत और महाराष्ट्र को नई तकनीकी क्रांति की ओर ले जाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments