
मुंबई। नीट पेपर लीक मामले में लगातार हो रहे खुलासों के बीच अब महाराष्ट्र के शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मुंबई की एक नामी शिक्षण संस्था के कनिष्ठ महाविद्यालय के वर्गों को मंजूरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। मंगलवार को एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी राहुल विट्ठल शिंदे दक्षिणी मुंबई के चर्नी रोड स्थित शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि संबंधित संस्था ने कनिष्ठ महाविद्यालय के वर्गों की मंजूरी के लिए नियमानुसार आवेदन किया था। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद फाइल को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा था। आरोप है कि फाइल मंजूर कर आगे भेजने के लिए राहुल शिंदे ने सीधे डेढ़ लाख रुपये की मांग की। रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, महाराष्ट्र से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने मामले की गोपनीय जांच की। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर जाल बिछाया गया। चर्नी रोड इलाके में कार्रवाई करते हुए एसीबी की टीम ने राहुल शिंदे को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही शैक्षणिक मंजूरी प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।




