
मुंबई। पालघर जिले के डहाणू सहित दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम और जनहितकारी बनाने के निर्देश सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने दिए हैं। उपजिला अस्पताल डहाणू (पालघर) की विभिन्न समस्याओं और नागरिकों को हो रही परेशानियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को मंत्रालय में मंत्री आबिटकर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक चित्रा वाघ, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त डॉ. कादंबरी बलकवडे, स्वास्थ्य सेवा संचालक डॉ. विजय कंदेवाड, उपसंचालक डॉ. अशोक नांदापुरकर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, सर्जन तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्री आबिटकर ने कहा कि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। आदिवासी क्षेत्रों के मासवण, दुर्वेश और धुंडलवाड़ी स्थित अस्पतालों की इमारतों, बेड की उपलब्धता तथा प्रसूति कक्षों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही सफाले, दुर्वेश, सोमटा और दांडी जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर रिक्त पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जहां सोनोग्राफी मशीन या ऑक्सीजन प्लांट की आवश्यकता है, वहां उन्हें तत्काल चालू कर रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। मंत्री आबिटकर ने कहा कि मरीजों के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा तलासरी ग्रामीण अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने, जनरेटर की व्यवस्था करने और डॉक्टरों के लिए ड्यूटी के दौरान एप्रन पहनना अनिवार्य करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के आवास की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्री आबिटकर ने कहा कि पालघर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी प्रकार की निधि की कमी नहीं होने दी जाएगी।

