
मुंबई। मुंबई पुलिस के वनराई पुलिस स्टेशन ने गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में म्यूज़िक कॉन्सर्ट के दौरान कथित ड्रग ओवरडोज़ से दो एमबीए छात्रों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेश हीरो खेमलानी उर्फ़ ‘मार्क’ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद वह थाईलैंड फरार हो गया था, जिसके चलते उसके खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ जारी किया गया था।
एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी गुरुवार देर रात छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर थाईलैंड से लौटते ही इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। अदालत ने उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस जांच में महेश खेमलानी को इस पूरे ड्रग रैकेट का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। अब तक इस मामले में कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों में रौनक खंडेलवाल, आकाश सामल, सनी जैन, बालकृष्ण कुरुप, प्रतीक पांडे, आनंद पटेल, विनीत गेरलानी, शुभ अग्रवाल, आयुष साहित्य, प्रदीप गुप्ता और जिया जैकब शामिल हैं।
ड्रग सप्लाई और फाइनेंशियल ट्रेल
जांच में सामने आया है कि महेश का सह-आरोपी जिया राचेल जैकब के साथ करीबी संबंध था और दोनों कथित तौर पर मीरा रोड में साथ रह रहे थे। पुलिस को यह भी पता चला है कि महेश, जिया के बैंक खाते का संचालन कर रहा था, जिसके जरिए 40 से 50 लाख रुपये का लेन-देन हुआ। इस रकम के स्रोत को लेकर जांच जारी है और इसे ड्रग्स तस्करी से जोड़कर देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महेश को ड्रग्स की सप्लाई कहां से होती थी, क्या वह खुद कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चला रहा था, और क्या उसका संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से है। बताया जा रहा है कि वह हांगकांग का निवासी है और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किए जाने की आशंका है। पुलिस जल्द ही महेश का सामना अन्य आरोपियों से कराएगी और उसके ठिकानों पर तलाशी भी ली जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के कई अहम खुलासे हो सकते हैं।




