
नई दिल्ली। भारत और तंजानिया के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संयुक्त व्यापार समिति (JTC) की 5वीं बैठक 29–30 अप्रैल को दार एस सलाम में आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर व्यापक चर्चा हुई। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार 9 बिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है, जो बढ़ती साझेदारी का संकेत है।
ऊर्जा सहयोग पर विशेष जोर
बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक व्यापक समझौता ज्ञापन (MoU) की आवश्यकता पर बल दिया गया। भारत ने परामर्श, क्षमता निर्माण, परियोजना प्रबंधन, ट्रांसमिशन सिस्टम और हाइब्रिड ऊर्जा समाधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की पेशकश की।
कृषि, शहरी विकास और सेवाओं में अवसर
दोनों देशों ने व्यापार मेलों में भागीदारी, कृषि वैज्ञानिकों के आदान-प्रदान, आवास एवं शहरी विकास, तथा पेशेवर सेवाओं में पारस्परिक मान्यता जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही टैरिफ, पौध संरक्षण उपायों और नियामक प्रक्रियाओं से जुड़े बाजार पहुंच मुद्दों को सुलझाने के लिए निरंतर संवाद पर सहमति बनी।
नीतिगत समन्वय और व्यापार संवर्धन
मानकीकरण, प्रतिस्पर्धा नीति, व्यापार संवर्धन, आव्रजन और अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया गया। यह साझेदारी दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को दर्शाती है।
उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी
बैठक में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के नेतृत्व में भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। संयुक्त व्यापार सम्मेलन के दौरान राजेश अग्रवाल ने मुख्य संबोधन देते हुए भारत–तंजानिया व्यापारिक संबंधों में आई तेजी की सराहना की। तंजानिया की ओर से जॉन उलांगा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने भारतीय निवेश को पूर्वी अफ्रीका में विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
भविष्य की दिशा तय
बैठक के समापन पर दोनों देशों ने व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। संस्थागत तंत्र को मजबूत करने और विभिन्न पहलों के तेज क्रियान्वयन पर सहमति बनी। संयुक्त व्यापार समिति का अगला, यानी छठा सत्र आपसी सहमति से नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जहां इस सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में और ठोस निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।




