
पिंपरी-चिंचवड। लंबे समय से प्रतीक्षित मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट का शुक्रवार को भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार मौजूद रहे। हालांकि कार्यक्रम के कारण हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला, जिससे समारोह निर्धारित समय से देरी से शुरू हुआ। खोपोली और कुसगांव के बीच 13 किलोमीटर लंबे इस नए हिस्से का निर्माण महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम ने किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा समय में 25 से 30 मिनट की कमी आएगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलेगी। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने ‘मिसिंग लिंक’ नाम को बदलकर ‘कनेक्टिंग लिंक’ करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नया नाम इस प्रोजेक्ट के उद्देश्य—एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने—को बेहतर तरीके से दर्शाता है। कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना की अवधारणा वर्ष 2010 में सामने आई थी। सर्वे और तकनीकी रिपोर्ट तैयार होने के बाद भी पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा विभिन्न कारणों से इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा ‘महायुति’ सरकार ने इन बाधाओं को दूर कर प्रोजेक्ट को पूरा किया। फडणवीस ने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट में सात देशों का तकनीकी सहयोग मिला, जिससे जटिल इंजीनियरिंग कार्य संभव हो सका। उन्होंने इंजीनियरों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता 182 मीटर ऊंचा ‘केबल-स्टेड ब्रिज’ है, जिसे दुनिया के ऊंचे पुलों में से एक माना जा रहा है। यह पुल नदी के ऊपर बनाया गया है और इसे इंजीनियरिंग की एक बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नए मार्ग से प्रतिदिन करोड़ों रुपये के ईंधन की बचत होगी और यात्रियों का समय व तनाव दोनों कम होंगे। सरकार को उम्मीद है कि यह ‘कनेक्टिंग लिंक’ एक्सप्रेसवे को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगा।




