
नर्मदापुरम। जबलपुर–इटारसी रेल सेक्शन पर तीसरी रेल लाइन बिछाने की दिशा में काम तेज हो गया है। इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर लिया गया है और वर्तमान में विभिन्न स्तरों पर इसकी परीक्षण प्रक्रिया जारी है। परीक्षण पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। तीसरी लाइन बनने से नर्मदापुरम सहित पूरे रूट पर ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुचारू हो जाएगी। इससे वंदे भारत एक्सप्रेस और राजधानी जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रुकने की समस्या से राहत मिलेगी। इस परियोजना की जानकारी अश्विनी वैष्णव ने नर्मदापुरम के सांसद दर्शन सिंह चौधरी को दी। सांसद ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रही है।
यात्रियों और उद्योग को मिलेगा लाभ
तीसरी लाइन के निर्माण से इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। अभी सुपरफास्ट ट्रेनों को प्राथमिकता देने के लिए अन्य ट्रेनों को रोकना पड़ता है, लेकिन नए ट्रैक के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और मालगाड़ियों का संचालन भी बिना बाधा के हो सकेगा।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
नई रेल लाइन से जबलपुर–इटारसी के बीच औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, आसपास के जिले जैसे नरसिंहपुर को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। डीपीआर की परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे बजट में धन आवंटित किया जाएगा और फिर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा पश्चिम मध्य रेलवे की योजना के तहत इटारसी–जबलपुर–मानिकपुर रेल लाइन के विस्तार और वहां भी तीसरी लाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसकी स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पूरे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ट्रेनों की गति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।




