
मुंबई। मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) को टिटवाला में करोड़ों रुपये की एमडीएमए ड्रग्स ज़ब्ती मामले में एक और बड़ी सफलता मिली है। टीम ने उत्तर प्रदेश से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पाँच हो गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ज़फ़र के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी आमिर सैयद ने ज़फ़र को आगे सप्लाई के लिए 3,000 एमडीएमए गोलियाँ दी थीं। ज़फ़र ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में इन ड्रग्स की सप्लाई की और उससे प्राप्त रकम वापस सैयद को भेज दी, जिसके बदले उसे मोटा कमीशन मिला।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
एएनसी अधिकारियों के अनुसार, आमिर सैयद ने नीदरलैंड से 25,000 एमडीएमए (एक्स्टसी) गोलियों की खेप मंगवाई थी। यह खेप दक्षिण अफ्रीका में मौजूद एक नाइजीरियाई एजेंट के माध्यम से दिल्ली एयरपोर्ट होते हुए उल्हासनगर पहुंचाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, यह पार्सल 25 अगस्त को नीदरलैंड से भेजा गया और 26 अगस्त को उल्हासनगर स्थित श्री तिरुपति कूरियर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड में प्राप्त हुआ।
ड्रग्स की सप्लाई का जाल
कुल 25,000 गोलियों में से, सैयद ने 5,000 गोलियाँ अपनी लिव-इन पार्टनर अश्विनी पॉल को दीं, जबकि शेष 20,000 गोलियाँ नवी मुंबई, वाशी, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सप्लाई की गईं। इनमें से 3,000 गोलियाँ ज़फ़र को दी गई थीं। इस मामले में एएनसी पहले ही इरफ़ान अंसारी, अश्विनी पॉल और सूफ़ियान शेख समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। ज़फ़र को मुंबई लाकर पूछताछ की जा रही है। एएनसी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नाइजीरियाई एजेंट और अन्य अंतरराष्ट्रीय तस्करों की तलाश में जुटी है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसकी जांच अभी जारी है।




