
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में ऑनलाइन सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण, राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, फैमिली आईडी, स्वामित्व योजना, कृषक दुर्घटना योजना तथा राजस्व वसूली समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं के संतुष्टि स्तर में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गंजमुरादाबाद, सिकंदरपुर कर्ण, सिकंदरपुर सरोसी, सफीपुर, नवाबगंज और फतेहपुर चौरासी के खंड विकास अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि केवल शिकायत का निस्तारण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों से तहसीलवार धारा 34, 24 और 116 से संबंधित लंबित वादों की जानकारी ली। उन्होंने फैमिली आईडी, स्वामित्व योजना और कृषक दुर्घटना योजना के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की तथा अभियान चलाकर सभी लंबित वादों और प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से फैमिली आईडी और अंश निर्धारण के कार्य में तेजी लाने को कहा। सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में जनपद की रैंकिंग में गिरावट नहीं आनी चाहिए। रैंकिंग में कमी अथवा कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों की राजस्व वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। आबकारी, परिवहन, वन, मंडी और सिंचाई सहित अन्य विभागों की वसूली संतोषजनक न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में उपजिलाधिकारी अजेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

