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21 अगस्त को राज्यभर में मनाया जाएगा जल संरक्षण दिवस, 15 से 21 अगस्त तक जल संरक्षण सप्ताह

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‘महा वॉकथॉन-वॉक फॉर वॉटर’ में शामिल होंगे नागरिक, युवा और विद्यार्थी; 15 अगस्त से 26 जनवरी तक चलेगा जल संरक्षण अभियान

मुंबई। मिट्टी और पानी प्राकृतिक संसाधन हैं और इनके संरक्षण के लिए व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है। राज्य में नागरिकों, विशेषकर युवाओं में मृदा एवं जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए 21 अगस्त को ‘जल संरक्षण दिवस’, 15 से 21 अगस्त तक ‘जल संरक्षण सप्ताह’ तथा 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक ‘जल संरक्षण अभियान’ चलाया जाएगा। सभी प्रशासनिक विभाग समन्वय के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करें, ऐसे निर्देश मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री संजय राठौड़ ने दिए। मंगलवार को मंत्री संजय राठौड़ की अध्यक्षता में 21 अगस्त को ‘जल संरक्षण दिवस’ और 15 से 21 अगस्त तक ‘जल संरक्षण सप्ताह’ मनाने के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के सचिव जितेंद्र पापळकर, सह सचिव पंडित जाधव, उपसचिव मृदुला देशपांडे, अवर सचिव देवेंद्र भामरे सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला जल संरक्षण अधिकारी शामिल हुए।
सुधाकरराव नाईक के जन्मदिन पर मनाया जाएगा जल संरक्षण दिवस
मंत्री संजय राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत सुधाकरराव नाईक ने ‘पानी रोको, पानी जमीन में उतारो’ का संदेश देकर राज्य में जल संरक्षण की बड़ी मुहिम खड़ी की थी। जल संरक्षण क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उनके जन्मदिन 21 अगस्त को ‘जल संरक्षण दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मिट्टी और जल संरक्षण खेती, पर्यावरण और सतत विकास की नींव हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जरूरी है। इसके लिए राज्यभर में विभिन्न जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘महा वॉकथॉन-वॉक फॉर वॉटर’
21 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में ‘महा वॉकथॉन-वॉक फॉर वॉटर’ आयोजित किया जाएगा। इसकी थीम ‘Save Soil, Save Water, Secure Tomorrow’ और नारा ‘पानी रोको, पानी जमीन में उतारो, जलयुक्त महाराष्ट्र बनाओ’ रखा गया है। प्रत्येक जिले में 21 अगस्त की सुबह 3 किलोमीटर का वॉकथॉन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मृदा एवं जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। नागरिक, जनप्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधि, खेल संगठन और युवा इसमें हिस्सा ले सकेंगे। 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पुरुष और महिलाएं वॉकथॉन में भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों के लिए क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और प्रत्येक प्रतिभागी को ई-प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
युवाओं के लिए ‘Reel for Soil and Water Conservation’ प्रतियोगिता
जल संरक्षण सप्ताह के दौरान युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘Reel for Soil and Water Conservation’ राज्यस्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें 15 से 30 वर्ष आयु के युवा भाग ले सकेंगे। प्रतियोगियों को 30 से 60 सेकंड की Instagram Reel बनानी होगी और #SaveSoilSaveWater हैशटैग का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। रील के लिए मृदा संरक्षण, जल बचत, मिट्टी की कटाव रोकथाम, वर्षा जल संचयन, खेत तालाब, बांध, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय चुने जा सकेंगे। Storytelling, Acting, Music, Dance, Animation, AI Creative, Comedy, Short Film और Drone Visual जैसी रचनात्मक तकनीकों का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। जिलास्तर पर विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये के साथ सम्मानचिह्न और प्रशस्तिपत्र दिया जाएगा। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
स्कूल-कॉलेजों में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले जल संरक्षण अभियान के दौरान राज्य के सभी 36 जिलों के स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, ‘एक स्कूल-एक सोख्ता गड्ढा’, जलमित्र/जलदूत घोषित करना और जल संरक्षण की शपथ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 21 अगस्त को स्कूलों में दिवंगत सुधाकरराव नाईक की तस्वीर पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी और विद्यार्थियों को मृदा एवं जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी होंगे जल संरक्षण कार्य
अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों का भूमिपूजन, लोकार्पण और जलपूजन, खेत तालाबों तथा जलस्रोतों का निरीक्षण, अमृत सरोवरों के आसपास वृक्षारोपण और ‘हरित महाराष्ट्र-संपन्न महाराष्ट्र’ के लिए पौधारोपण किया जाएगा। इसके अलावा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान तथा जनभागीदारी से नालों, तालाबों, कुओं और पाझर तालाबों की सफाई जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मंत्री संजय राठौड़ ने नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं से इस अभियान में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि “मिट्टी बचाएं, पानी बचाएं और सुरक्षित भविष्य बनाएं” की भावना के साथ जल संरक्षण की मुहिम को और व्यापक बनाने की जरूरत है।

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