
मुंबई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुंबई ने बुधवार को एक ट्रैप कार्रवाई में बीएमसी एम विभाग के एक कर्मचारी को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक निर्माण व्यवसायी की शिकायत पर की गई, जिसने आरोप लगाया था कि विभाग के दो अधिकारियों ने उससे 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिकृष्ण आदिमुलम (उम्र 32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बीएमसी एम विभाग में कार्यरत है। वहीं इस मामले में कनिष्ठ अभियंता राहुल कांबले को भी आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल फरार है। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया कि उसने गौतम नगर, गोवंडी में निर्माण कार्य कराया था जिसकी ऊंचाई 14 फीट से अधिक थी। इस पर विभाग की ओर से बेदखली की चेतावनी दी गई और कार्रवाई से बचने के लिए दोनों अभियुक्तों ने 50,000 रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में 20,000 रुपए की समझौता राशि पर सहमति बनी। एसीबी ने शिकायत की पुष्टि के बाद 16 जुलाई को जाल बिछाया और तय योजना के अनुसार हरिकृष्ण आदिमुलम को 20,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के हाथों पर रासायनिक परीक्षण में रिश्वत की राशि की पुष्टि भी हुई। एसीबी ने इस मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत दर्ज किया है और फरार अभियुक्त राहुल कांबले की तलाश शुरू कर दी है। मामले की अगली कार्रवाई के लिए साक्ष्य और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसीबी अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि भ्रष्टाचार या रिश्वत संबंधी किसी भी घटना की सूचना तत्काल दें, और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।




