
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। निवासी उपजिलाधिकारी डॉ. संदीप माने की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में डॉ.माने ने स्पष्ट कहा कि ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए केवल एक विभाग पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य और आबकारी विभाग सहित सभी एजेंसियों को मिलकर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने ड्रग तस्करी रोकने के लिए विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने और संयुक्त ऑपरेशन की गति बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग स्मगलिंग की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर रोकथाम के ठोस उपाय लागू किए जाएं। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान सख्ती से चलाने के निर्देश भी दिए गए। डॉ.माने ने यह भी कहा कि जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों को प्रशासन की ओर से आवश्यक तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नशे की लत से बाहर निकाला जा सके। बैठक में पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ औद्योगिक सुरक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, शिक्षा विभाग, जिला परिषद सामाजिक कल्याण, कृषि, जीएसटी, डाक विभाग और राज्य आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से उठाया गया यह कदम ठाणे जिले को ड्रग फ्री बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें आगे की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।




