Thursday, March 26, 2026
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डिजिटल साक्षरता से ही महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण संभव: मंत्री आदिती तटकरे

मुंबई। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में डिजिटल साक्षरता की अहम भूमिका बताते हुए आदिती तटकरे ने कहा कि गुरुवार को के दौर में व्यवसाय करने वाली महिलाओं के लिए डिजिटल जानकारी बेहद जरूरी है। ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं बचत कर लघु उद्योग शुरू कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।यह बात उन्होंने महिला विकास मंडल के सभागार में लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन और मास्टरकार्ड के सहयोग से आयोजित भांडवल व अनुदान वितरण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर महिला उद्यमियों को धनादेश, सिलाई मशीन और घरेलू व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री वितरित की गई। मंत्री तटकरे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं ऑनलाइन लेनदेन करती हैं, लेकिन डिजिटल प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी के अभाव में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिंधुदुर्ग, पुणे और रायगढ़ जिलों में चल रही इस पहल को पूरे राज्य में विस्तार दिया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिल सकें। महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य संस्थाओं के समन्वय से इस योजना का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
‘लाडकी बहीण’ योजना से बदली महिलाओं की जिंदगी
इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से कई महिलाओं ने बचत कर अपने छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं। पुणे की रिद्धी वाकणकर ने छह महीने तक बचत कर आयुर्वेदिक उत्पादों का व्यवसाय शुरू किया, जिससे वह अपने परिवार का पालन-पोषण और बेटी की शिक्षा का खर्च उठा रही हैं। वहीं, भोसरी की स्नेहा कांबले ने भी मासिक सहायता राशि से कच्चा माल खरीदकर हैंडमेड ज्वेलरी का व्यवसाय शुरू किया। आज वह विभिन्न प्रदर्शनियों में अपने उत्पाद बेचकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं।
‘सशक्ती कॉन्क्लेव’ में महिला उद्यमियों का सम्मान
इस अवसर पर ‘सशक्ती कॉन्क्लेव 2025-26’ का आयोजन किया गया, जिसमें महिला उद्यमियों की सफलता का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता, डिजिटल प्रशिक्षण और व्यवसाय प्रबंधन की जानकारी दी गई। ‘सशक्त महिला उद्योजकता कार्यक्रम’ के जरिए कम आय वर्ग की महिलाओं को डिजिटल टूल्स, आर्थिक साक्षरता और बिजनेस प्लानिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल 2022 से महाराष्ट्र सहित दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लागू है, जिससे हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

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