
इंद्र यादव/पालघर। वसई पुलिस की अपराध शाखा ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ 7 लाख 12 हजार रुपये मूल्य की प्रतिबंधित एम्बरग्रीस (Ambergris) जब्त कर पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, केरल से बिक्री के लिए लाई गई इस दुर्लभ सामग्री को वसई में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। इस कार्रवाई को वन्यजीव तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सौरभ पवार ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर जी.जी. कॉलेज परिसर में छापेमारी की गई, जहां से 2 किलो 58 ग्राम एम्बरग्रीस बरामद हुई। एम्बरग्रीस व्हेल से बनने वाला अत्यंत दुर्लभ और महंगा पदार्थ है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से महंगे इत्र एवं परफ्यूम के निर्माण में किया जाता है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इसके संग्रहण, व्यापार और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है, बावजूद इसके अवैध बाजार में इसकी भारी मांग बनी रहती है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि एम्बरग्रीस केरल से लाई गई थी और इसे वसई में बेचने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसकी सप्लाई चेन किन राज्यों तक फैली हुई है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त सचिन शिंत्रे, पुलिस उपायुक्त अशोक विरकर तथा सहायक पुलिस आयुक्त देवेंद्र पोळ के मार्गदर्शन में अपराध शाखा की टीम ने अंजाम दी। पुलिस का कहना है कि वन्यजीवों से जुड़े अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वसई पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें वन्यजीव तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि ऐसे अवैध नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

