
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने शहर की सड़क पार्किंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए फास्टैग आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत वाहन मालिक बीएमसी द्वारा चिन्हित आधिकारिक पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने के बाद वहां लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, जिससे पार्किंग शुल्क उनके फास्टैग खाते से स्वतः कट जाएगा। बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कदम नकली पार्किंग अटेंडेंट, नकद वसूली में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और अवैध पार्किंग एजेंटों के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है। नागरिकों की लगातार शिकायतों के बाद बीएमसी ने इस डिजिटल मॉडल को पहले कुछ चुनिंदा स्थलों पर पायलट परियोजना के तौर पर लागू करने का निर्णय लिया है, जो सफल होने के बाद शहर के 100 से अधिक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर विस्तारित किया जाएगा। इसके साथ ही, बीएमसी एक विशेष मोबाइल ऐप भी लॉन्च करेगी जिससे मुंबईकर आसानी से नजदीकी पार्किंग स्थान की उपलब्धता, दरें और लेनदेन का रिकॉर्ड देख सकेंगे। दादर, अंधेरी, सीएसटी और बांद्रा जैसे क्षेत्रों में फर्जी पार्किंग कर्मियों द्वारा मनमाना शुल्क वसूलने की घटनाएं हाल ही में सामने आई थीं, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा और आर्थिक नुकसान हुआ। बीएमसी का मानना है कि यह तकनीक आधारित प्रणाली आय के रिसाव को रोकेगी, ट्रैफिक नियंत्रण में मदद करेगी, और एक पारदर्शी, सुरक्षित एवं कैशलेस पार्किंग अनुभव सुनिश्चित करेगी। जवाबदेही और डिजिटल परिवर्तन को साथ लाने वाले इस प्रयास से मुंबई में सड़क पार्किंग का चेहरा बदलने की उम्मीद है।




