
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झाँसी, उत्तर प्रदेश। शासन के निर्देशानुसार निपुण भारत मिशन एवं ऑपरेशन कायाकल्प योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला टास्क फोर्स की बैठक जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित हुई। बैठक में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना एवं रणनीति का विमोचन किया गया तथा मिशन की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि निपुण भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करना तथा कक्षा तीन तक प्रत्येक बच्चे को पढ़ने, लिखने और गणित की ग्रेड स्तर की दक्षता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विद्यालयों में सक्षम और प्रेरक शिक्षण वातावरण तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के साथ आत्मीय एवं सकारात्मक व्यवहार रखने पर बल देते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच मधुर संबंध बच्चों के शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही सभी कक्षाओं में शिक्षण संदर्शिका और शिक्षण सामग्री का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी बीईओ एवं एआरपी को निर्देशित किया कि विद्यालयों में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) को एक उत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यार्थी स्वयं अपने हाथों से आमंत्रण कार्ड बनाकर अभिभावकों को आमंत्रित करें, जिससे अभिभावकों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निपुण एक्शन प्लान के तहत नवाचारों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालयों में वीडियो फिल्मों के माध्यम से बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाए। नियमित एवं पूर्ण यूनिफॉर्म में आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों का सम्मान किया जाए तथा पीटीएम में ग्राम प्रधानों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षा के प्रति सामाजिक वातावरण और अधिक मजबूत हो सके। जिलाधिकारी ने विकास खंड स्तर पर गठित टास्क फोर्स के सभी सदस्यों—उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एमओआईसी, एडीओ पंचायत, नायब तहसीलदार, सीडीपीओ, सप्लाई इंस्पेक्टर एवं बीईओ—को अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का शत-प्रतिशत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने जनपद के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों को स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। उन्होंने पर्याप्त भूमि वाले विद्यालयों का चयन कर वहां बालिकाओं के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। विद्यालयों में छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और नवाचार करने वाले विद्यार्थियों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य शिक्षक और विद्यार्थी भी प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में 19 मानकों के अनुसार मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जा चुका है, अब प्राथमिकता बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और निपुण एक्शन प्लान का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन करने की है। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गौड़, बीडीओ/डीसी मनरेगा शिखर कुमार श्रीवास्तव, बीईओ बंगरा दीपक श्रीवास्तव सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



