HomeMaharashtraमुंबई पब्लिक स्कूल उद्घाटन समारोह में प्रोटोकॉल विवाद: विधि समिति ने अधिकारी...

मुंबई पब्लिक स्कूल उद्घाटन समारोह में प्रोटोकॉल विवाद: विधि समिति ने अधिकारी के निलंबन का प्रस्ताव किया पारित

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका की विधि समिति की सोमवार को हुई बैठक में मुंबई पब्लिक स्कूल (लिबर्टी गार्डन) के उद्घाटन समारोह में कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला जोरदार ढंग से उठा। भाजपा नगरसेवक तेजिंदर सिंह तिवाना ने आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का अपमान किया गया। इस मामले की जांच पूरी होने तक प्रोटोकॉल अधिकारी संदीप लाळगे को निलंबित करने का प्रस्ताव विधि समिति ने सर्वसम्मति से पारित किया। तिवाना ने आरोप लगाया कि उद्घाटन समारोह की शिलापट्टिका से स्थानीय नगरसेवक का नाम हटा दिया गया था। इस संबंध में पूछताछ करने पर प्रोटोकॉल अधिकारी ने कथित तौर पर “सो व्हॉट?” कहकर असभ्य व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और प्रशासन को इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच करनी चाहिए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई। तिवाना ने टिप्पणी की कि प्रोटोकॉल अधिकारियों को पहले स्वयं शिष्टाचार सीखने की आवश्यकता है। बैठक में नगरसेवक सिद्धेश शर्मा और प्रकाश दरेकर ने भी तिवाना के समर्थन में उपसूचनाएं प्रस्तुत कीं। सिद्धेश शर्मा ने आरोप लगाया कि एक अन्य कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में भी उनका नाम जानबूझकर शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि जब इस संबंध में प्रोटोकॉल कार्यालय से संपर्क किया गया तो संबंधित अधिकारी की ओर से कथित रूप से अभद्र जवाब मिला। शर्मा ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान मिलना चाहिए और इसके लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए हैं। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी पूर्व में आदित्य ठाकरे के कार्यकाल में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे, इसलिए भाजपा जनप्रतिनिधियों के प्रति किसी प्रकार के पूर्वाग्रह की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पहले हुए एसटीपी परियोजना के उद्घाटन समारोह में भाजपा विधायक मनीषा चौधरी के नाम को गौण तरीके से दर्शाए जाने का मुद्दा भी उठाया। नगरसेवकों का कहना है कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और प्रशासन की निष्पक्षता से जुड़ा विषय है। उन्होंने मांग की कि मामले की पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments