धर्मार्थ संस्थाओं से एमओयू करेगा मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। राज्य के बड़े सरकारी और धर्मार्थ अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों तथा उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री ने मरीजों के परिजनों की सहायता करने वाली विभिन्न धर्मार्थ संस्थाओं और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष (सीएमआरएफ) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के प्रमुख अस्पतालों में प्रतिदिन हजारों मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए पहुंचते हैं। उपचार का खर्च, रहने और भोजन की व्यवस्था तथा उचित मार्गदर्शन के अभाव में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी संबंधित संस्थाओं को एक मंच पर लाकर एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी सहायता व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल के तहत धर्मार्थ अस्पतालों और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों तक समय पर और सीधे पहुंचाई जाएगी। धर्मादाय आयुक्त के अधीन संचालित अस्पतालों में पहले से ही गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क अथवा रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। अब इस व्यवस्था को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष की प्रणाली से जोड़कर इसे और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष की मौजूदा व्यवस्था पात्र मरीजों को उपचार सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें धर्मार्थ अस्पतालों की सुविधाओं तक पहुंचाने में भी सहयोग करती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों के परिजनों के लिए अस्पताल परिसर और उसके आसपास ठहरने की सुविधा, निःशुल्क या रियायती दर पर भोजन तथा उपचार संबंधी मार्गदर्शन को और अधिक व्यवस्थित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के दौरान आम नागरिकों को होने वाली कठिनाइयों को कम करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल एवं सुलभ बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों तथा उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार इस सहयोग के माध्यम से धर्मार्थ संस्थाओं के सामाजिक योगदान और सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता को एक साथ जोड़कर स्वास्थ्य सहायता का एक प्रभावी मॉडल विकसित करना चाहती है। इसके लिए विभिन्न धर्मार्थ न्यासों के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन किए जाएंगे, ताकि योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मरीजों तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी धर्मार्थ संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से इस पहल में सहभागी बनने की अपील की है। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष और उपलब्ध सेवाओं की विस्तृत जानकारी सीएमआरएफ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

