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शिव महापुराण कथा में सुनाई गई शंखचूड़ वध की कथा, श्रद्धालु हुए भावविभोर

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। गांधी नगर स्थित रामकृष्ण दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित एक माह की शिव महापुराण कथा के दौरान कथा प्रवक्ता शशांक शुक्ला ने दैत्यराज शंखचूड़ के वध की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान शिव के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। कथा प्रवक्ता ने बताया कि शंखचूड़ दैत्यराज दंभ का पुत्र था। दंभ ने पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु की कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें तीनों लोकों में अजेय और महापराक्रमी पुत्र का वरदान दिया था। उन्होंने बताया कि शंखचूड़ को भगवान विष्णु से दिव्य कवच प्राप्त था और उसकी पत्नी तुलसी (वृंदा) परम पतिव्रता एवं धर्मनिष्ठ थीं। विष्णु कवच और पत्नी के पतिव्रत के प्रभाव से शंखचूड़ अजेय हो गया और उसने तीनों लोकों पर अधिकार कर देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया। कथा के अनुसार, देवताओं ने ब्रह्मा और भगवान विष्णु से सहायता की प्रार्थना की। तब भगवान विष्णु ने बताया कि शंखचूड़ का वध केवल भगवान शिव के त्रिशूल से ही संभव है। इसके बाद भगवान शिव और शंखचूड़ के बीच भीषण युद्ध हुआ। कथा प्रवक्ता ने बताया कि जब भगवान शिव ने शंखचूड़ का वध करने के लिए त्रिशूल उठाया, तब आकाशवाणी हुई कि जब तक उसके पास भगवान विष्णु का कवच और उसकी पत्नी का अखंड पतिव्रत रहेगा, तब तक उसका वध संभव नहीं है। इसके बाद भगवान विष्णु ने वृद्ध ब्राह्मण का रूप धारण कर शंखचूड़ से उसका दिव्य कवच दान में प्राप्त किया। तत्पश्चात उन्होंने शंखचूड़ का रूप धारण कर तुलसी के पतिव्रत को भंग किया। जैसे ही कवच अलग हुआ और पतिव्रत का प्रभाव समाप्त हुआ, भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से शंखचूड़ का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे। इस अवसर पर मंदिर प्रबंधिका श्रीमती चंद्रावती देवी, कथा व्यवस्थापक डॉ. मनीष सिंह सेंगर, सत्येंद्र सिंह सचिन, शैलेंद्र सिंह चंदेल, आचार्य पंकज शुक्ला, सूरज शुक्ला, मोनी सिंह, राहुल कश्यप सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में आरती और पूजन संपन्न हुआ तथा आयोजकों ने नगरवासियों से एक माह तक चलने वाली शिव महापुराण कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

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