
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने राज्यभर में गुटखा, पान मसाला तथा तंबाकू और निकोटीन युक्त अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 10 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के साथ तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार ने यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (प्रोहिबिशन एंड रिस्ट्रिक्शन्स ऑन सेल्स) रेगुलेशन, 2011 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से लिया है। प्रतिबंध लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पूरे राज्य में विशेष जांच और प्रवर्तन अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के अधिकारियों को गुटखा, पान मसाला और अन्य तंबाकू एवं निकोटीन युक्त प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध अधिसूचना जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटीन उत्पादों का निर्माण, भंडारण, बिक्री या वितरण होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है। विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और कर्नाटक को तंबाकू एवं नशे से मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है। सरकार ने नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।

