
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भद्रवाह क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान 30 वर्षीय युवक आरिफ हुसैन की मौत के बाद शुक्रवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। स्थानीय लोगों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और धार्मिक हस्तियों ने घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की है। परिजनों के अनुसार, आरिफ हुसैन ऑटो-रिक्शा चालक थे और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी पत्नी आठ माह की गर्भवती हैं। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
पुलिस के मुताबिक, घटना गुरुवार देर रात भद्रवाह के जय वैली क्षेत्र में हुई। पुलिस का दावा है कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर टीम ने कुछ लोगों को रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान हाथापाई हुई। पुलिस के अनुसार, एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश की गई और इसी दौरान एक राउंड फायर हुआ, जिससे आरिफ हुसैन घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने यह भी बताया कि घटना में एक पुलिसकर्मी के सिर में गंभीर चोट आई है। पुलिस का कहना है कि घटना में किसी भी प्रकार का आतंकवादी एंगल नहीं मिला है। साथ ही पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर दावा किया है कि मृतक कथित रूप से मवेशियों की तस्करी में शामिल था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद भद्रवाह में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन कर पूरे मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विरोध के चलते इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। इस मामले पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से सच्चाई सामने लाने और जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने भी निष्पक्ष और शीघ्र जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की पारदर्शी जांच की मांग की। वहीं, जामिया मस्जिद किश्तवाड़ के इमाम मौलाना फारूक अहमद किचलू ने घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से किसी स्वतंत्र या न्यायिक जांच की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।

