
बारामती। महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस विषय पर चर्चा करने जैसा कोई मुद्दा नहीं है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा चाहती है कि एनसीपी के दोनों गुट पहले आपस में विलय करें और उसके बाद एनडीए का हिस्सा बनें। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, एनसीपी (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले ने एनडीए के साथ किसी भी तरह के गठबंधन, विलय या बैकडोर बातचीत की खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पार्टी ने परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे पर किसी भी मीडिया संस्थान से कोई आधिकारिक बातचीत नहीं की है। सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी का रुख आंतरिक विचार-विमर्श और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों से चर्चा के बाद ही तय किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र सरकार संसद में संशोधित परिसीमन विधेयक आधिकारिक रूप से पेश नहीं करती, तब तक किसी संभावित प्रस्ताव पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। एनसीपी (एसपी) की ओर से यह भी कहा गया कि हाल ही में मुंबई में जयंत पाटिल, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई बैठक प्रशासनिक विषयों से संबंधित थी, उसका किसी राजनीतिक पुनर्गठन या गठबंधन से कोई संबंध नहीं था। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है, लेकिन अब तक एनसीपी के किसी भी गुट या भाजपा की ओर से संभावित विलय या एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


