
इंद्र यादव/मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस ने साहस, अनुशासन और टीमवर्क की मिसाल पेश करते हुए 14 और 15 अगस्त को ऐतिहासिक पन्हाळा–पावनखिंड–विशाळगड मार्ग पर 65 किलोमीटर का कठिन ट्रेक सफलतापूर्वक पूरा किया। मुंबई शहर पुलिस के 23 अधिकारियों और कर्मचारियों ने 150 सदस्यीय दल के साथ इस चुनौतीपूर्ण अभियान में हिस्सा लिया और अपनी शारीरिक व मानसिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।इस साहसिक अभियान का नेतृत्व डीजी कार्यालय एवं मुंबई सिटी नोडल ऑफिसर एसीपी शालिनी शर्मा ने किया। ट्रेक के दौरान टीम ने घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और बारिश से फिसलन भरे मार्गों को पार करते हुए पूरे सफर को सफलतापूर्वक पूरा किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद किसी भी सदस्य ने हिम्मत नहीं हारी।इस अभियान की सफलता में महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक सदानंद दाते, स्पेशल आईजी (प्रशासन) अभिषेक त्रिमुखे, कोल्हापुर रेंज के आईजी रंजन शर्मा, कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल तथा पूरी कोल्हापुर पुलिस टीम का महत्वपूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन रहा।पावनखिंड का यह मार्ग ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहीं पर छत्रपति शिवाजी महाराज के वीर सेनापति बाजीप्रभु देशपांडे और उनके साथियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर स्वराज की रक्षा की थी। उसी ऐतिहासिक पथ पर चलकर मुंबई पुलिस के जवानों ने वीरता, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को नमन किया।महाराष्ट्र पुलिस का यह अभियान केवल एक ट्रेक नहीं, बल्कि पुलिस बल की शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती, अनुशासन और टीम भावना का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास से कठिन से कठिन चुनौती भी पार की जा सकती है।इस ऐतिहासिक ट्रेक को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को महाराष्ट्र पुलिस विभाग ने बधाई दी है। उनकी यह उपलब्धि पूरे पुलिस बल और समाज के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।

