
मुंबई। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नागपुर में नकली, मिलावटी और घटिया दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में अंतरराज्यीय दवा रैकेट का पर्दाफाश किया है। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। 20 जून 2026 को एफडीए के सह आयुक्त (औषध) ने बताया कि एफडीए को सूचना मिली थी कि प्रसिद्ध फार्मास्यूटिकल कंपनी की दवा ‘Chymoral Forte Tablet’ की नकली खेप नागपुर में बेची जा रही है। इसके बाद अधिकारियों ने नागपुर के कई थोक और खुदरा मेडिकल स्टोर्स पर जांच कर दवा के नमूने परीक्षण के लिए मुंबई स्थित प्रयोगशाला भेजे। जांच में पाया गया कि दवा में मौजूद Trypsin और Chymotrypsin एंजाइम की मात्रा निर्धारित मानकों से काफी कम थी। बाद में संबंधित निर्माता कंपनी ने भी स्पष्ट किया कि यह उत्पाद उनकी ओर से निर्मित नहीं किया गया है और यह पूरी तरह नकली है। जांच के दौरान नागपुर, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक फैले सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में 12 व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ संगठित रूप से नकली दवाओं की बिक्री करने के आरोप में नागपुर पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।
‘KAAMRAJ Capsule’ में मिला एलोपैथिक यौनवर्धक तत्व
एफडीए की दूसरी कार्रवाई में ‘KAAMRAJ Capsule’ नामक आयुर्वेदिक उत्पाद के नमूनों की जांच कराई गई। प्रयोगशाला रिपोर्ट में यह दवा मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाई गई। सबसे गंभीर बात यह रही कि आयुर्वेदिक दवा के रूप में बेचे जा रहे इस उत्पाद में Tadalafil (यौन शक्ति बढ़ाने वाली एलोपैथिक दवा) तथा Paracetamol जैसे एलोपैथिक तत्व पाए गए, जबकि इनके बारे में उत्पाद के लेबल पर कोई जानकारी नहीं दी गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार बिना चिकित्सकीय सलाह के ऐसे तत्वों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। जांच में नागपुर, पंजाब और उत्तर प्रदेश से जुड़े दवा आपूर्ति नेटवर्क का भी खुलासा हुआ। इस मामले में संबंधित कंपनियों और वितरकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत गणेशपेठ पुलिस थाने, नागपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि नकली, मिलावटी और घटिया दवाओं के खिलाफ विभाग शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य कर रहा है। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। एफडीए ने नागरिकों से अपील की है कि वे दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध दवा की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।



