
नकली और बिना लाइसेंस की दवाओं से लेकर भ्रामक विज्ञापनों व कॉस्मेटिक्स तक कार्रवाई; 20 FIR दर्ज, 10 आरोपी गिरफ्तार
मुंबई। महाराष्ट्र अन्न एवं औषध प्रशासन (एफ़डीए) ने जून और जुलाई 2026 के दौरान राज्यभर में दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों, चिकित्सा उपकरणों और दवाओं से संबंधित आपत्तिजनक एवं भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। दो महीनों में कुल 88 छापे और कार्रवाई की गईं। इस दौरान करीब ₹5.69 करोड़ का माल जब्त किया गया, जबकि ₹3.81 करोड़ के स्टॉक की बिक्री-वितरण पर रोक लगाई गई। इस तरह कुल ₹9.50 करोड़ के अवैध अथवा नियमों के उल्लंघन से जुड़े स्टॉक पर कार्रवाई हुई। विभिन्न मामलों में 20 FIR दर्ज कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एफ़डीए के अनुसार, नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन तथा चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940, मेडिकल डिवाइस नियम 2017, NDPS कानून और औषधि एवं जादुई उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 सहित संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की गई।
भ्रामक और आपत्तिजनक विज्ञापनों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान में 31 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर लगभग ₹55.57 लाख की दवाएं जब्त की गईं। इनमें विभिन्न आयुर्वेदिक उत्पादों से जुड़े भ्रामक और दिशाभूल करने वाले विज्ञापनों की जांच की गई। मेडिकल डिवाइस नियमों के उल्लंघन को लेकर मुंबई, भिवंडी और वाडा सहित विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की गई। पालघर जिले के वाडा स्थित मेडिअर्थ लाइफकेयर प्रा. लि. में नसबंदी व्यवस्था कार्यरत नहीं होने के बावजूद Non-Sterile Gloves को Sterile बताकर वितरित किए जाने की बात सामने आई। यहां ‘Government of Maharashtra (MMGPA) Supply – Not for Sale’ अंकित करीब ₹1.26 करोड़ के चिकित्सा सामग्री के स्टॉक को प्रतिबंधित किया गया। इसके अलावा बिना वैध थोक औषधि लाइसेंस के रखी गई करीब ₹6.17 लाख की एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं। मेडिकल उपकरणों से जुड़े मामलों में कुल चार छापे मारकर ₹83.74 लाख का माल जब्त किया गया और करीब ₹1.36 करोड़ के स्टॉक पर रोक लगाई गई।
बिना लाइसेंस दवा कारोबार पर 27 कार्रवाई
जून-जुलाई के दौरान एफ़डीए के औषधि विभाग ने नागपुर, मुंबई, ठाणे, पुणे, कोल्हापुर, अहिल्यानगर, सोलापुर, नांदेड, अकोला, सातारा, जलगांव और छत्रपति संभाजीनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में 27 कार्रवाई कीं। बिना लाइसेंस दवाओं के भंडारण और बिक्री, नकली व मिलावटी दवाओं, ट्रामाडोल युक्त कैप्सूल, गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं, बिना लाइसेंस एलोपैथिक दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों और अन्य अवैध उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब ₹2.41 करोड़ का माल जब्त किया गया। आठ मामलों में FIR दर्ज की गई।
बिना लाइसेंस कॉस्मेटिक्स फैक्ट्री सील
15 जून को मुंबई और भिवंडी में बिना लाइसेंस तथा Misbranded सौंदर्य प्रसाधनों के खिलाफ कार्रवाई में करीब ₹1.53 करोड़ का स्टॉक जब्त किया गया। मुंबई की क्रिया इंटरप्राइजेज से बैच नंबर, निर्माण एवं एक्सपायरी की तारीख जैसी आवश्यक जानकारियों के बिना सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए। भिवंडी की सिग्मा लाइफस्टाइल प्रा. लि. की बिना लाइसेंस उत्पादन इकाई से कथित रूप से भ्रामक दावों वाले कॉस्मेटिक्स, मशीनरी और कच्चा माल जब्त कर फैक्ट्री सील की गई। इस मामले में नारपोली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
नकली दवाओं और कॉस्मेटिक्स पर छह कार्रवाई
नागपुर, पुणे, नांदेड और ठाणे में छह कार्रवाई के दौरान नकली दवाओं, नकली Cetaphil Skin Cleanser, पाकिस्तान में निर्मित बताए गए नकली सौंदर्य प्रसाधनों और Adenosine Injection के उत्पादन एवं बिक्री से जुड़ी अनियमितताओं पर कार्रवाई की गई। इन मामलों में करीब ₹76.83 लाख का माल जब्त हुआ और पांच FIR दर्ज की गईं। भिवंडी की जॉनली फार्मास्युटिकल प्रा. लि. का थोक दवा बिक्री लाइसेंस भी 11 जून 2026 से रद्द किया गया।
NDPS मामलों में पांच FIR, चार गिरफ्तार
NDPS कानून के तहत पांच कार्रवाई में ट्रामाडोल युक्त कैप्सूल, कोडीन युक्त कफ सिरप, अल्प्राजोलम टैबलेट सहित अन्य दवाओं के अवैध स्टॉक पर कार्रवाई की गई। करीब ₹1.43 लाख का माल जब्त, पांच FIR दर्ज और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। Misbranded कॉस्मेटिक्स के खिलाफ राज्यभर में 10 कार्रवाई की गईं। सातारा, मुंबई, परभणी, नाशिक, मालेगांव, बीड और छत्रपति संभाजीनगर में कार्रवाई के दौरान करीब ₹49.30 लाख का माल जब्त किया गया। एक मामले में FIR दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
तीन रक्त केंद्रों के लाइसेंस रद्द
एफ़डीए के अनुसार, राज्य में 413 लाइसेंसधारी रक्त केंद्र और 468 रक्त भंडारण केंद्र हैं। जून 2026 में हुई विशेष जांच के बाद माया ब्लड सेंटर तथा मुंबई के सर जे. जे. महानगर रक्तकेंद्र में गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर दोनों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए गए। इसके अलावा पुणे के आर. जी. घोलप मेमोरियल ब्लड सेंटर में बुनियादी सुविधाओं, मानव संसाधन, उपकरणों के रखरखाव, रक्त भंडारण, दस्तावेजीकरण और वैधानिक अनुपालन से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद जुलाई 2026 में उसका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की गई।
समान ब्रांड नाम वाले ₹2.45 करोड़ के दवा स्टॉक पर रोक
एफ़डीए ने Cadila Pharmaceuticals Ltd. के Aciloc 150+ और Aciloc 300+ के मामले में कार्रवाई की। FDA के अनुसार, पुराने Aciloc ब्रांड से मिलता-जुलता पैकेजिंग होने और सक्रिय औषधीय घटक Ranitidine के स्थान पर Famotidine होने के कारण डॉक्टरों, दवा विक्रेताओं और मरीजों में भ्रम की आशंका थी। 9 और 10 जुलाई को पुणे, नागपुर और भिवंडी स्थित कंपनी के गोदामों पर कार्रवाई कर करीब ₹2.45 करोड़ के दवा स्टॉक की बिक्री और वितरण पर रोक लगाई गई तथा बाजार से स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश दिए गए। एफ़डीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि राज्य के नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित दवाएं, चिकित्सा उपकरण तथा सौंदर्य प्रसाधन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नकली, बिना लाइसेंस, घटिया या Misbranded उत्पादों और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से संदिग्ध दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, सौंदर्य प्रसाधनों और भ्रामक विज्ञापनों की जानकारी एफ़डीए को देने की अपील की।

