
मुंबई। महाराष्ट्र साइबर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को निशाना बनाने वाले कथित एआई-जनरेटेड और डिजिटल रूप से मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हाल ही में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री बड़े पैमाने पर साझा की गई। बीजेपी के एक सोशल मीडिया पदाधिकारी द्वारा महाराष्ट्र साइबर नोडल पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक कथित रूप से छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो साझा किया, जिसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करते हुए दिखाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए मॉर्फ्ड तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए। शिकायत के आधार पर महाराष्ट्र साइबर नोडल पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(2), 336, 352, 353(1), 353(2), 356(1) और 356(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धाराओं 66(D) और 67 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स संचालित करने वाले व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है। शिकायत के अनुसार, “महाराष्ट्र धर्म” नामक एक फेसबुक अकाउंट से साझा किए गए वीडियो के कैप्शन में दावा किया गया था कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदर्शनकारियों, जिन्हें “कॉकरोच” कहा गया, को सार्वजनिक रूप से फांसी देने की बात कही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित वीडियो की एक समाचार एजेंसी द्वारा जारी मूल वीडियो से तुलना करने पर यह पाया गया कि वायरल क्लिप में डिजिटल छेड़छाड़ की गई थी या उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार किया गया था। शिकायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित अन्य सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें फेसबुक पर साझा की गई कथित मॉर्फ्ड तस्वीर, इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक आपत्तिजनक वीडियो तथा प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा वाले अन्य वीडियो शामिल हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन पोस्टों का उद्देश्य गलत जानकारी फैलाना, सार्वजनिक अशांति उत्पन्न करना तथा संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों की छवि धूमिल करना था। महाराष्ट्र साइबर ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कथित रूप से मॉर्फ्ड सामग्री तैयार करने तथा उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

