
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग ने तृतीयपंथीय समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘बीज पूंजी योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ कौशल विकास, उद्यमिता और स्थायी रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत लघु ऋण के रूप में ₹25 हजार, मध्यम ऋण के रूप में ₹50 हजार तथा दीर्घ ऋण के रूप में ₹2 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें लाभार्थी का 5 प्रतिशत अंशदान, 45 प्रतिशत सरकारी अनुदान और 50 प्रतिशत राष्ट्रीयकृत बैंक का ऋण शामिल होगा। नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को ब्याज पर 3 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। योजना के तहत सब्जी स्टॉल, चाय एवं स्नैक्स सेंटर, ज़ेरॉक्स-लैमिनेशन सेंटर, फूड स्टॉल, आटा चक्की, कपड़े के बैग निर्माण, जनरल स्टोर, स्टेशनरी दुकान, मिनी मालवाहक टेंपो, आइसक्रीम फैक्ट्री, वड़ा-पाव एवं जूस सेंटर, बेकरी, चूड़ी दुकान, आलू वेफर्स निर्माण, ब्यूटी पार्लर, सैलून, चिकन एवं मछली बिक्री केंद्र, मोबाइल शॉप, मसाला निर्माण तथा लॉन्ड्री जैसे व्यवसायों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन तथा फ्रिज, टीवी, मोबाइल, एसी, गैस स्टोव, वॉटर फिल्टर और गीजर मरम्मत जैसे तकनीकी व्यवसायों के लिए भी ऋण सुविधा उपलब्ध होगी।
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का महाराष्ट्र का कम से कम 10 वर्ष का निवासी होना, आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होना, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी तृतीयपंथीय पहचान पत्र होना तथा संबंधित व्यवसाय करने में सक्षम होना आवश्यक है। आवेदक ने पहले किसी अन्य बीज पूंजी योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए। योजना के लिए किसी प्रकार के जमानतदार या गिरवी की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदन के साथ महाराष्ट्र में 10 वर्ष के निवास का प्रमाणपत्र, तृतीयपंथीय पहचान पत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, राशन कार्ड या बिजली बिल में से आवश्यक दस्तावेज, व्यवसाय स्थल का प्रमाण, मशीनरी या सामग्री का कोटेशन, आवश्यकता होने पर किरायानामा, मकान मालिक का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी), स्थानीय निकाय का एनओसी, शपथपत्र तथा दो पासपोर्ट आकार के फोटो जमा करना अनिवार्य होगा। इच्छुक तृतीयपंथीय निर्धारित आवेदन पत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, समाज कल्याण कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग ने पात्र लाभार्थियों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

