
मुंबई। समुद्र में होने वाली दुर्घटनाओं और चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान मरीजों तक तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए मुंबई महानगर क्षेत्र में वॉटर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने स्वास्थ्य विभाग, महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड और संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ संयुक्त प्रस्ताव तैयार कर सरकार को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को मंत्रालय में वॉटर एम्बुलेंस परियोजना पर आयोजित प्रस्तुतीकरण के बाद मंत्री राणे ने कहा कि परियोजना की स्थापना, संचालन और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ विस्तृत चर्चा आवश्यक है। इसके लिए संयुक्त बैठक आयोजित कर सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और परियोजना के क्रियान्वयन का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी तट पर स्थित विभिन्न अस्पतालों तक प्राकृतिक जेटियों के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है। महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड की जेटियों और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का उपयोग इस सेवा के लिए किया जा सकेगा, जिससे मुंबई महानगर क्षेत्र में समुद्री आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। मंत्री राणे ने कहा कि मुंबई के आसपास हर 24 घंटे में 300 से अधिक व्यापारी जहाज समुद्र में मौजूद रहते हैं। ऐसे में जहाजों पर कार्यरत नाविकों और मछुआरा समुदाय को किसी दुर्घटना या स्वास्थ्य आपात स्थिति में वॉटर एम्बुलेंस से त्वरित सहायता मिल सकेगी। इससे समुद्र और दूरदराज के तटीय इलाकों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना आसान होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई मामलों में हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ती है, जिसमें अधिक समय लगता है। ऐसे में वॉटर एम्बुलेंस एक प्रभावी और तेज विकल्प साबित हो सकती है। बैठक में बताया गया कि वॉटर एम्बुलेंस में स्ट्रेचर, ऑक्सीजन, प्राथमिक उपचार, हृदय संबंधी आपात सहायता तथा आवश्यकतानुसार आईसीयू जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में तय की जाएगी। इसके अलावा वॉटर एम्बुलेंस की खरीद और संचालन के विभिन्न विकल्पों पर भी संयुक्त बैठक में विचार किया जाएगा। इस सेवा के माध्यम से मोरा और एलिफेंटा द्वीप जैसे क्षेत्रों में भी चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान तेजी से सहायता पहुंचाई जा सकेगी। मंत्री राणे ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ इस परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

