
मुंबई। दिल्ली के विभिन्न पब्लिक स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षा विशेषज्ञों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को लोकभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्राचार्या डॉ. अलका कपूर ने किया। बैठक के दौरान शिक्षा विशेषज्ञों ने शिक्षकों की बदलती भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और जलवायु परिवर्तन के कारण तेजी से बदलती दुनिया के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के साथ-साथ उनमें जिम्मेदार और सामाजिक रूप से संवेदनशील नागरिक बनने की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि पब्लिक स्कूलों ने देश को विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करने वाले अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक केवल पढ़ाता ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को प्रेरित भी करता है। पब्लिक स्कूलों को केवल शैक्षणिक शिक्षा तक सीमित न रहकर गुरु की तरह मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए और विद्यार्थियों में चरित्र, नैतिक मूल्यों तथा जीवन के उद्देश्य की भावना विकसित करनी चाहिए। राज्यपाल ने शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के दौर में उनके संस्कारों और मूल्यों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “आज के बच्चे जानकारी से समृद्ध हैं, लेकिन उन्हें उस जानकारी को गहन ज्ञान में बदलना भी सीखना चाहिए। शिक्षा विशेषज्ञ केवल नेता ही नहीं, बल्कि अच्छे इंसान भी तैयार करें।”

