
ठाणे। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में झुग्गी पुनर्विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एमएमआर एसआरए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सौरभ राव ने ठाणे में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्र में चल रही, पूर्ण हो चुकी, लंबित और प्रस्तावित सभी झुग्गी पुनर्वास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सीईओ सौरभ राव ने अधिकारियों को परियोजनाओं में हो रही देरी दूर करने, कार्यों में तेजी लाने और एमएमआर एसआरए तथा ठाणे नगर निगम के क्लस्टर डेवलपमेंट सेल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झुग्गी पुनर्विकास केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर में समग्र सुधार लाना भी है। इसके लिए पुनर्विकास परियोजनाओं में मजबूत नागरिक बुनियादी ढांचे, आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं और सामुदायिक विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सौरभ राव ने सभी विभागों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। बैठक में प्रशासनिक प्रक्रियाओं, लंबित कानूनी मामलों, नए पुनर्विकास प्रस्तावों तथा पुनर्विकास के दायरे में आने वाली कुल भूमि का भी विस्तृत आकलन किया गया। समीक्षा बैठक में सचिव कल्पना जगताप, वित्त नियंत्रक कंचन तवाडे, डिप्टी चीफ इंजीनियर राजकुमार पवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में अधिकारियों ने यह संकल्प दोहराया कि एमएमआर एसआरए को एक पारदर्शी, तेज़, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित पुनर्विकास प्राधिकरण के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।

