
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल तथा राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा ने पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार मंगलवार को लोक भवन, मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से संवाद किया। राज्यपाल ने कुलपतियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय अपने राष्ट्रीय मानांकन में सुधार करें तथा इसके लिए समय-समय पर लक्ष्य निर्धारित करें। राज्य में विश्वविद्यालयों में छात्रों का सकल नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों को स्कूलों के साथ संपर्क बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। इस संदर्भ में ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालयों को नवाचारपूर्ण गतिविधियाँ संचालित करने के निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने कहा कि इस कार्यक्रम को लागू करते समय नवीन एवं पारंपरिक ढांचे से हटकर ‘आऊट ऑफ द बॉक्स’ विचार अपनाए जाएँ। महिला सशक्तिकरण एवं कौशल शिक्षा के माध्यम से महिलाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘स्वयंसिद्धा’ अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे विश्वविद्यालयों द्वारा गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने बताया कि ‘स्कूल कनेक्ट’ और ‘स्वयंसिद्धा’ कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा लोक भवन द्वारा की जाएगी तथा विश्वविद्यालयों को इन कार्यक्रमों पर अपनी त्रैमासिक रिपोर्ट नियमित रूप से लोक भवन को भेजनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन दोनों कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विश्वविद्यालयों को पदक या ट्रॉफी देने पर विचार किया जाएगा। जो विश्वविद्यालय इन कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू करेंगे, उनके मॉडल को अन्य विश्वविद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। राज्यपाल ने यह भी कहा कि वे शीघ्र ही सभी कुलपतियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे ने अपने प्रास्ताविक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों के राष्ट्रीय मानांकन, महिला सशक्तिकरण, स्वयंसिद्धा कार्यक्रम, कौशल विकास तथा ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम आदि के बारे में जानकारी दी।




