
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार की ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर कर्जमाफी योजना’ के माध्यम से राज्य के सभी पात्र किसानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। पूर्व की कर्जमाफी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुके 12 लाख 71 हजार किसानों को भी नई योजना में शामिल करने के विषय में सरकार सकारात्मक है। बुधवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो जल्द ही अंतिम निर्णय लेगी। विधानसभा में नियम 293 के तहत हुई चर्चा का जवाब देते हुए सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि, सिंचाई और जल संरक्षण के क्षेत्र में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए इस कर्जमाफी योजना को उनका नाम दिया गया है। किसानों के हित में निर्णय लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
किसानों को बार-बार कर्जदार बनने से रोकने की तैयारी
मंत्री पाटील ने बताया कि किसानों को बार-बार कर्ज के बोझ तले दबने से बचाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य के पूर्व मुख्य सचिव प्रवीणसिंह परदेशी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति ने अल्पकालीन, दीर्घकालीन, पुनर्गठित और पुनर्पुनर्गठित ऋणों के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार को दिए हैं।
दो लाख से अधिक बकाया ऋण वालों के लिए वन टाइम सेटलमेंट
उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 2017 में डेढ़ लाख रुपये और 2019 में दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी दी गई थी। नई योजना में जिन किसानों पर दो लाख रुपये से अधिक का बकाया ऋण है, उनके लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) की विशेष व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत बकाया ऋण में से दो लाख रुपये सरकार जमा करेगी, जबकि शेष राशि किसान को स्वयं चुकानी होगी। इससे किसानों का ऋण खाता नियमित हो जाएगा और उन्हें दोबारा कृषि ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी। वन टाइम सेटलमेंट योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है। साथ ही, इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए वाणिज्यिक बैंकों को भी आवश्यक छूट और निर्देश दिए जाएंगे।
नियमित ऋण चुकाने वालों को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन
सरकार ने समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया है। मंत्री पाटील ने कहा कि इससे किसानों में समय पर ऋण अदायगी की प्रवृत्ति बढ़ेगी और बैंकिंग व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी। कर्जमाफी योजना का लाभ राज्य के लगभग 56 लाख किसानों को मिलने का अनुमान है। इसके लिए सरकार करीब 36,500 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान कर रही है।
कोई पात्र किसान वंचित नहीं रहेगा
मंत्री ने कहा कि योजना का लाभ किसी भी पात्र किसान से छूट न जाए, इसके लिए राज्य के प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया गया है। नियमित ऋण भुगतान करने वाले किसानों, सिबिल स्कोर, अल्पभूधारक किसानों और अन्य संबंधित मुद्दों पर भी सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र और अपात्र किसानों के लिए कोई नई शर्तें नहीं लगाई गई हैं। पूर्व की कर्जमाफी योजनाओं में लागू किए गए मानदंडों को ही इस योजना में भी अपनाया गया है। अंत में मंत्री बाबासाहेब पाटील ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती पर निर्भर और वास्तविक रूप से जरूरतमंद किसानों को आर्थिक राहत प्रदान करना है। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।



