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दिव्यांगों के सशक्तीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, रोजगार-स्वास्थ्य और शिक्षा में मिलेगा प्राथमिकता: सीएम फडणवीस

नागपुर। दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें प्राथमिकता देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। दिव्यांगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से उन तक पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगों की दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होंगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस की संकल्पना तथा नागपुर महानगरपालिका, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, जिला परिषद नागपुर और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में अस्थि दिव्यांग और श्रवणबाधित व्यक्तियों के लिए कविवर्य सुरेश भट सभागृह में नि:शुल्क जयपुर फुट एवं सहायक उपकरण माप एवं वितरण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगों की जरूरत के अनुसार जयपुर फुट सहित विभिन्न सहायक उपकरणों का माप लेकर उनका नि:शुल्क वितरण किया गया। पिछले तीन दिनों से चल रहे इस शिविर को अपेक्षा से अधिक प्रतिसाद मिलने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगों के लिए इस तरह के शिविर आयोजित करने की संकल्पना मुख्यमंत्री कार्यालय से सामने आई थी। इसके बाद नागपुर महानगरपालिका स्तर पर आवश्यक तैयारियां की गईं। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ने आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह संस्था वर्ष 1975 से दिव्यांगों के लिए कार्य कर रही है और जयपुर फुट के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार भी दिव्यांगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। दिव्यांगों के लिए मानधन बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी उन्हें सहायता दी जा रही है। आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं में दिव्यांगों को प्राथमिकता देने के संबंध में भी सरकार सकारात्मक प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकलांग’ शब्द के बजाय ‘दिव्यांग’ के सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उनकी क्षमताओं को अवसर देना आवश्यक है। दिव्यांगता कम करने तथा दिव्यांग व्यक्तियों को सक्षम बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने दिव्यांग व्यक्तियों के यूडीआईडी कार्ड के लिए जोन स्तर पर कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।कार्यक्रम में राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री एडवोकेट आशीष जयसवाल, महापौर नीता ठाकरे, उपमहापौर लीला हाथीबेड, विधायक संजय भेंडे, राजीव पोतदार, कृपाल तुमाने, चरणसिंग ठाकुर और मोहन मते, मनपा सत्तापक्ष नेता नरेंद्र बोरकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

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