
मुंबई। आज का दिन केवल नए इलेक्ट्रिक ट्रक के लॉन्च का नहीं, बल्कि भारत की हरित और टिकाऊ परिवहन क्रांति का महत्वपूर्ण पड़ाव है। बैटरी और इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए स्वतंत्र नीति बनाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। महाराष्ट्र एक बार फिर देश को हरित परिवहन की दिशा दिखा रहा है,” यह प्रतिपादन परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने किया। टाटा मोटर्स ने 7 से 55 टन क्षमता वाले भारत के पहले संपूर्ण बैटरी इलेक्ट्रिक ट्रक श्रृंखला का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मंत्री सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण तैयार करने की पहल की है। राज्य की ईवी नीति से वाहन निर्माताओं, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुणे में भारतीय इंजीनियरों द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए ये इलेक्ट्रिक ट्रक ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणाओं का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इन वाहनों में भारतीय कौशल, तकनीक और उत्पादन क्षमता की ताकत दिखाई देती है।
पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभदायक परिवहन: इलेक्ट्रिक ट्रकों के इस्तेमाल से प्रदूषण कम होने के साथ ही परिवहन कारोबारियों के ईंधन खर्च और कुल परिचालन लागत में कमी आएगी। इससे परिवहन व्यवसाय अधिक किफायती, प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनेगा, ऐसा विश्वास मंत्री सरनाईक ने व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक ‘नेट-जीरो’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए परिवहन क्षेत्र का विद्युतीकरण बेहद महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रिक ट्रक इसी दिशा में उठाया गया निर्णायक कदम हैं, उन्होंने कहा।
350 किमी तक की रेंज, फास्ट चार्जिंग से बढ़ेगी उत्पादकता: इन इलेक्ट्रिक ट्रकों की एक बार चार्ज करने पर करीब 350 किलोमीटर तक की रेंज, फास्ट चार्जिंग सुविधा और कम परिचालन लागत प्रमुख विशेषताएं हैं। कम समय में चार्जिंग पूरी होने से ट्रक अधिक समय तक सड़क पर चल सकेंगे और परिवहन कारोबारियों की उत्पादकता बढ़ने की संभावना है। मंत्री सरनाईक ने कहा कि यह ट्रक केवल पर्यावरण अनुकूल ही नहीं, बल्कि परिवहन कारोबारियों और चालकों के लिए अधिक लाभदायक, विश्वसनीय और किफायती विकल्प भी साबित होगा। भविष्य के व्यावसायिक परिवहन की दिशा अब स्पष्ट हो गई है।
सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी को बढ़ावा: महाराष्ट्र की ईवी नीति के साथ ही केंद्र सरकार की पीएम-ई-ड्राइव योजना के माध्यम से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार, वाहन निर्माताओं और परिवहन कारोबारियों के बीच प्रभावी साझेदारी से देश में इलेक्ट्रिक व्यावसायिक वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से केवल वाहन उद्योग ही नहीं, बल्कि बैटरी तकनीक, अनुसंधान एवं विकास, उत्पादन, चार्जिंग बुनियादी ढांचे और वाहन सेवा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार तथा कौशल विकास के अवसर पैदा होंगे। आज हम केवल इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च नहीं कर रहे हैं, बल्कि स्वच्छ, आत्मनिर्भर और टिकाऊ भारत के भविष्य का रास्ता खोल रहे हैं। महाराष्ट्र इस बदलाव में केवल सहभागी नहीं रहेगा, बल्कि इसका नेतृत्व करेगा, ऐसा विश्वास परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने व्यक्त किया।

